जीआरपी व आरपीएफ को मिली सफलता, छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन से पकड़ाए आरोपी
छिंदवाड़ा. मध्यप्रदेश व उत्तरप्रदेश की ट्रेनों में चोरी करने वाला गिरोह छिंदवाड़ा जीआरपी तथा आरपीएफ के हाथ लगा है, जो चलती ट्रेन में यात्रियों के बैग से सामान चोरी करते थे। पकड़े गए सभी पांचों आरोपी उत्तरप्रदेश के रहने वाले है तथा वर्तमान में नैनपुर-छिंदवाड़ा-नैनपुर पैसेंजर ट्रेन में सक्रिय होकर चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे थे। छिंदवाड़ा जीआरपी, आरपीएफ तथा नागपुर क्राइम ब्रांच ने संयुक्त रूप से मामले की जांच की तो पांच संदेहियों को 24 फरवरी 2026 को रेलवे स्टेशन छिंदवाड़ा से पकड़ा गया तथा पूछताछ की गई तो उन्होंने चलती ट्रेन में चोरी की वारदात करना कबूला। प्राप्त जानकारी के अनुसार ममता (45) पति अनिल साहू निवासी भीमगढ़ कॉलोनी छपारा सिवनी ने शिकायत में बताया था कि वह 14 फरवरी 2026 को छिंदवाड़ा-नैनपुर-छिंदवाड़ा पैसेंजर के जनरल कोच में अपने परिवार के साथ छिंदवाड़ा से सिवनी की यात्रा कर रही थी। इसी दौरान ट्राली बैग से एक सोने का हार जिसकी कीमत 45 हजार रुपए है वह अज्ञात चोर कर ले गए। पीडि़ता ने शिकायत में यह भी बताया था कि कुछ लोग बैग के आसपास बैठे थे तथा सभी साथ में थे। किसी गैंग के इस चोरी में शामिल होने पर जांच उस दिशा में शुरू की गई।
पकड़े गए आरोपियों से संयुक्त टीम ने पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वह ग्रुप बनाकर महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश तथा मप्र के कई जिलों जैसे भोपाल, बीना, कानपुर, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, नागपुर, कटनी, मैहर, रीवा, नैनपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा में चलती ट्रेन में यात्रियों के सामान की चोरी, लूट की वारदात को अंजाम देते थे। पकड़े गए आरोपियों में भूरे (58) पिता अली हसन निवासी रामनगर अलीगढ़ उत्तरप्रदेश, देवेंद्र (38) पिता पप्पू कुमार निवासी भोगापुरअरांव फिरोजाबाद उत्तरप्रदेश, प्रेमदास (49) पिता रुपराम जाटव निवासी नौरंगाबाद सिकनद्राराऊ हाथरस उत्तरप्रदेश, संत सिंह (45) पिता रोशनलाल जाटव निवासी तान्सपुरा फतेहाबाद आगरा उत्तरप्रदेश, हरदेश (38) पिता किशनलाल निवासी श्यामबिहार कॉलोनी देहात एटा उत्तरप्रदेश शामिल है।
पकड़े गए आरोपियों पर चोरी, लूटपाट, हत्या, मारपीट, शराबखोरी एवं अन्य धाराओं के तहत उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश में अपराध दर्ज है। इस गिरोह को पकडऩे में थाना प्रभारी आरपीएफ ऊषा बिसेन, थाना प्रभारी जीआरपी अरुणा वाहने, एसआई आरएल उइके, आरक्षक शुभम कराड़े, विजय कुमार इवने, भूपेन्द्र चौधरी, सहित स्टॉफ की मुख्य भूमिका रही है।
संयुक्त टीम ने पांच आरोपियों को तो रेलवे स्टेशन छिंदवाड़ा से पकड़ लिया लेकिन इस गिरोह के दो मुख्य सरगना जुगेंद्र तथा हसीन निवासी उत्तरप्रदेश को पकडऩे आरपीएफ मंडल की टीम रवाना की गई है। बताया जा रहा है कि यह गिरोह चोरी में मिलने वाला सोना को शाजापुर उत्तरप्रदेश में बेचता है। पकड़े गए आरोपियों ने बताया था कि जुगेंद्र तथा हसीन वह सोना लेकर शाजापुर बेचने गए है। जिसके बाद एक आपीएफ मंडल की टीम जिसमें शामिल एसआई विनय मेश्राम, एएसआई विनोद साहू, तथा जीआरपी की टीम रवाना किया गया है।