
छिंदवाड़ा. छात्रसंघ चुनाव से पहले ही कॉलेजों में छात्र संगठनों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। एनएसयूआई द्वारा मंगलवार को विद्यार्थियों से जुड़ी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस(पीजी कॉलेज) में प्रदर्शन किया। हालांकि प्रदर्शन के दौरान अभाविप कार्यकर्ताओं के कॉलेज परिसर में पहुंचने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। जमकर हंगामा हुआ। लगभग डेढ़ घंटे तक पीजी कॉलेज में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। दोनों छात्र संगठनों के बीच कहासुनी और विवाद को देखते हुए पुलिस ने मोर्चा संभाला। प्रदर्शनकारी कॉलेज मुख्य गेट के बाहर लगी बैरिकेटिंग को तोडकऱ आगे बढऩे का प्रयास करने लगे। ऐसे में पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान पुलिसकर्मियों एवं छात्र संगठनों के बीच धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। दो महिला पुलिसकर्मी घायल हो गई। इसमें एक के पैर में तो दूसरे के हाथ में चोट आई। वहीं कुछ छात्रों को भी हल्की चोट आई। इस मामले में पुलिस ने अब तक किसी पर कार्रवाई नहीं की है। हालांकि उन्होंने कॉलेज प्रबंधन से जानकारी मांगी है। धर्मटेकड़ी चौकी प्रभारी दिनेश बघेल ने बताया कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
कालीबाड़ी मंदिर में पूजन के बाद पहुंचे कॉलेज
एनएसयूआई के पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं ने पहले कालीबाड़ी मंदिर में पूजन किया। इसके बाद दोपहर लगभग 12.30 बजे बड़ी संख्या में रैली के रूप में कॉलेज की तरफ बढ़े। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कॉलेज परिसर में बैरिकेडिंग की थी। आगे बढऩे की कोशिश के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच पहले बहस हुई। इसके बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई। एक महिला पुलिसकर्मी की तबीयत बिगडऩे पर उसे व्हीलचेयर की मदद से प्राचार्य कक्ष ले जाया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को रोकने में महिला पुलिसकर्मियों को चोट आई।
एएसपी, सीएसपी से भी नोंकझोक
प्रदर्शन के दौरान एएसपी आशीष खरे, सीएसपी अभिषेक चौधरी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग करने और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
अव्यवस्थाओं को लेकर सडक़ पर उतरा संगठन
एनएसयूआई ने जिलाध्यक्ष अपेक्षा सूर्यवंशी के नेतृत्व में शिक्षा में फैली अव्यवस्थाओं और विश्वविद्यालयों में जारी तानाशाही के खिलाफ पीजी कॉलेज का घेराव किया। एनएसयूआई का आरोप है कि छात्रहित में जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं पर एबीवीपी के लोगों ने हमला किया। कहा कि एनएसयूआई का उद्देश्य किसी को क्षति पहुंचाना नहीं था, बल्कि शांतिपूर्ण तरीके से कॉलेज प्रबंधन और प्रशासन तक मांगें पहुंचाना था, लेकिन पुलिस और प्रशासन की आड़ लेकर एबीवीपी ने जो हमला किया वह अनैतिक है।
प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने की मांग
एनएसयूआई ने छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने, महाविद्यालयों में रिक्त प्रोफेसर व अतिथि शिक्षक के पद तत्काल भरे जाने, परीक्षा परिणाम समय पर घोषित करने एवं रिजल्ट की त्रुटियों का शीघ्र समाधान करने सहित छात्रों से जुड़ी अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान नगर कांग्रेस अध्यक्ष सोनू मांगो, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष गोलू पटेल, कांग्रेस प्रवक्ता नितिन उपाध्याय समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विद्यार्थियों ने निष्पक्ष जांच की मांग की
पीजी कॉलेज में प्रदर्शन के बाद विद्यार्थियों ने परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और शैक्षणिक वातावरण को लेकर चिंता जताई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। विद्यार्थियों का कहना है कि पूर्व में भी महाविद्यालय के परिसर में चलती कक्षा में विद्यार्थियों के साथ मारपीट की गई थी। विद्यार्थियों के साथ मारपीट किए जाने तथा झंडों के डंडों से हमला किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। विद्यार्थियों ने मांग की है कि मामले की जांच उपलब्ध वीडियो फुटेज, महाविद्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर की जाए। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में बाहरी लोगों के परिसर में पहुंचने से स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हुई।