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50 हजार में यूपी से खरीदी पिस्टल, छिंदवाड़ा में सप्लाई, मुख्य तस्करों तक नहीं पहुंच पाई पुलिस

Illegal pistol: अवैध पिस्तौल और कारतूस के कई मामले सामने आए हैं, लेकिन मुख्य सप्लायर चेन तोड़ने में पुलिस को सफलता नहीं मिली है।
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अवैध पिस्तौल व कारतूस (Photo Source: AI Image)

अवैध पिस्तौल व कारतूस (Photo Source: AI Image)

Chhindwara news:मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के कई थानों में अवैध पिस्तौल और कारतूस पकड़े जाने के कई मामले सामने आए है। अवैध हथियारों के सप्लायरों की मुख्य चेन को तोड़ने में पुलिस को कोई बड़ी सफलता नहीं मिल पाई है। जिले की पुलिस इन मामलों में देशभर में पहुंचकर छानबीन करती हैं, लेकिन उन्हें मूल सप्लायरों तक पहुंचने में कामयाबी नहीं मिलती। हाल ही में देहात पुलिस ने दो आरोपियों के पास से एक देसी पिस्टल तथा एक छर्रे पिस्टल तथा जिंदा कारतूस बरामद किए है। यह देसी पिस्टल आरोपियों ने उत्तरप्रदेश से 50 हजार रुपए में खरीदी थी। पुलिस टीमें पूर्व के मामलों में मुख्य तस्करों के ठिकानों तक पहुंची हैं लेकिन तस्कर फरार फरार हो जाते हैं। अब लगातार पुलिस खोजबीन में लगी हुई है।

मुख्य आरोपी को पकड़ने यूपी जाएगी टीम

गोविंद सिंह राजपूत, टीआई, देहात थाना, छिंदवाड़ा का कहना है कि पुलिस ने दो आरोपियों को अवैध हथियार के साथ पकड़ा था। अब पुलिस मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए यूपी जाएगी।

कुछ तस्कर लगातार रहे जिले में सक्रिय

पूर्व में बालाघाट का हथियार आरोपी जिले में पकड़ा चुका है जिसके पास से देहात पुलिस एक दर्जन से ज्यादा पिस्टल बरामद कर चुकी है तथा कई वारदातों में यह तस्कर शामिल रहा है। कोतवाली व कुंड़ीपुरा के प्रकरणों में स्थानीय आरोपी पकड़ा है लेकिन मुख्य तस्कर पुलिस के हाथ नहीं लग पाया है। पूर्व में पकड़े गए आरोपियों से देसी पिस्टल, कारतूस व मैगजीन की सप्लाई की बात खरगौन, पिपरिया, बालाघाट व अन्य प्रदेश से सामने आई थी। जिसके बाद लगातार खोजबीन

सोशल मीडिया पर रील बनाने का क्रेज

पूर्व में जिले में ऐसे मामले आ चुके है कि सोशल मीडिया पर रील बनाने के केज में युवक हथियारों के साथ दिखाई देते है। मामले सामने आने पर कार्रवाई हो जाती है नहीं तो कई अपने स्टेटस में नकली व असली पिस्टल के साथ नजर आते हैं। हालांकि सभी मामलों में पुलिस जांच नहीं करती है तथा शिकायत के बाद ही कार्रवाई आगे बढ़ती है।