
छिंदवाड़ा .जिला अस्पताल की ओपीडी में संचालित आयुष विंग के होम्योपैथी, आयुर्वेदिक तथा यूनानी विभागों का संचालन जल्द ही बंद हो जाएगा। सिविल सर्जन डॉ. जेएस गोगिया ने इस संदर्भ में आयुष विभाग को सूचना दे दी है। हालांकि आयुष विभाग की तीनों विंग को अस्पताल परिसर में ही पंचकर्म विभाग में स्थापित करने के कयास लगाए जा रहे हैं, लेकिन इसके पहले ही आयुष विभाग के चिकित्सक और कर्मचारियों में विरोध के स्वर गंूजने लगे हैं।
जिला अस्पताल से हट जाएगा आयुष विभाग, पंचकर्म में स्थापित किए जाने के कयास
आयुष चिकित्सकों का कहना है कि आयुष संचालनालय के निर्देश पर ही वह जिला अस्पताल में बैठे हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि प्रतिदिन यहां बड़ी संख्या में पेंशनर्स सहित अन्य मरीजों का उपचार किया जाता है तथा उन्हें दवा दी जाती है। अचानक बदली व्यवस्था से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. किशोर गाड़बैल ने कलेक्टर से गुहार
जिला आयुष अधिकारी डॉ. किशोर गाड़बैल ने बताया कि जिला अस्पताल की ओपीडी से आयुष विंग के तीनों विभागों को हटाए जाने के निर्देश के विरोध में उन्होंने कलेक्टर जेके जैन से मामले में हस्तक्षेप करने के लिए निवेदन किया है। डॉ. गाड़बैल ने बताया कि पंचकर्म विभाग में पर्याप्त जगह न होने से वहां कार्य करना मुश्किल होगा तथा पंचकर्म के साथ-साथ यूनानी, आयुर्वेद और होम्योपैथी विभाग भी प्रभावित होगा। बिना वैकल्पिक व्यवस्था बनाए आयुष विंग को नहीं हटाया जाना चाहिए।
नए डॉक्टरों के लिए बनाई जा रही व्यवस्थाएं
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा विशेषज्ञों का लाभ जिले के मरीजों को मिल सके, इस उद्देश्य से जिला अस्पताल की आेपीडी में डॉक्टरों की बैठने की व्यवस्था बनाई जा रही है। आयुष विभाग को इसकी सूचना दी गई है तथा पंचकर्म विभाग में बैठने की सलाह दी गई है।
डॉ. जेएस गोगिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी