- सेम्पल एकत्र व बाजार में किया दवा का छिडक़ाव - नगर निगम, पुलिस-प्रशासन और पशु चिकित्सा टीम ने की जांच पड़ताल
आंध्रप्रदेश, झारखण्ड समेत अन्य राज्यों से मुर्गे-मुर्गियों के बड़े पैमाने पर बर्ड फ्लू से हो रहीं मौतों को देखते हुए प्रशासनिक टीम ने सोमवार को मटन मार्केट पहुंचकर दुकानों की जांच-पड़ताल की। अगले ही दिन मंगलवार को प्रशासन ने एक किमी का क्षेत्र संक्रमित घोषित कर दिया। निरीक्षण के दौरान मुर्गे-मुर्गियों के सेम्पल एकत्र किए, जिन्हें टेस्ट के लिए बाहर भेजा जाएगा। इस टीम में एसडीएम सुधीर जैन, निगम स्वास्थ्य निरीक्षक अरुण गढ़ेवाल समेत पुलिस व अन्य अधिकारी शामिल शामिल रहे। इन अधिकारी-कर्मचारियों ने मटन मार्केट की हर दुकानों में पहुंचकर जांच पड़ताल की। फिर पानी की बौछार से साफ-सफाई की। इसके साथ ही जरूरी दवाओं से क्षेत्र को सेनेटाइज किया गया। इस इलाके में बर्ड फ्लू की शंका पर प्रशासन की मौजूदगी से हर दुकान दहशत में दिखाई दिया। अधिकारी-कर्मचारियों ने भी अपने चेहरे पर मास्क लगा रखा था।
दुकानों के निरीक्षण के दौरान कहीं कुछ जली हुई चीजें दिखाई दी। इससे आम जनमानस मुर्गियों को जलाए जाने की आशंका व्यक्त करता रहा। प्रशासन के किसी अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की। इससे ये मामला अनसुलझा दिखाई दिया।
झारखण्ड, आंध्रप्रदेश समेत अन्य राज्यों में बर्ड फ्लू से मुर्गियों की मौत सामने आने के बाद केंद्र सरकार के दिशा निर्देश दिए जाने की जानकारी लगी है। इस निर्देश के अनुसार जो एपिक सेंटर (केंद्र) हैं, उसके आसपास के 10 किलोमीटर के दायरे में सर्वे करने को कहा गया है। वहीं एपिक सेंटर के एक किमी के दायरे में स्थित पॉल्ट्री फॉर्म के मुर्गों को मारने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा जहां भी किसी तरह की पक्षी की मौत का सूचना मिले, इसकी जानकारी देने को कहा गया है। फिलहाल केन्द्र सरकार के निर्देश के बारे में अधिकारियों ने कुछ नहीं बताया।
बर्ड फ्लू की शंका पर प्रशासन ने मटन मार्केट में जांच पड़ताल की। मुर्गे-मुर्गियों के सेम्पल लिए गए। इन्हें बाहर की प्रयोगशाला में जांच करने भेजा जाएगा।
-डॉ.एचजीएस पक्षवार, उपसंचालक पशु चिकित्सा