एसआईटी ने विवेचना के दौरान नाम सामने आने पर की कार्रवाई, छह माह से चल रही है लगातार जांच, आरोपियों की संख्या पहुंची 12
छिंदवाड़ा. जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से जिले में 02 सितंबर 2025 से 15 अक्टूबर 2025 के बीच 22 बच्चों की मौत किडनी फेल होने से हुई थी। मामला सामने आने पर सबसे पहले परासिया क्षेत्र के डॉक्टर प्रवीण सोनी तथा दवा कंपनी के मालिक रंगनाथन को आरोपी बनाते हुए एसआईटी ने दोनों की सबसे पहले गिरफ्तारी की थी। इस प्रकरण में एसआईटी तथा कुंडीपुरा पुलिस अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार कर जेल पहुंचा चुकी है। वहीं सात मार्च को जांच के दौरान एसआइटी ने परासिया क्षेत्र के डॉ एसएस ठाकुर तथा डॉ अमन सिद्धिकी को भी सहआरोपी बनाते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। जांच के दौरान एसआईटी ने पाया कि दोनों डॉक्टरों ने अपने पर्चे में बच्चों को जहरीला कोल्ड्रिफ कफ सिरप लिखा था जिसके बाद परिजनों ने मासूम बच्चों को दवा का सेवन कराया था। बैतूल में हुई बच्चे की मौत के मामले में परिजनों ने इन डॉक्टरों का नाम एसआईटी को दिए बयान में बताया था।
लगातार हो रही बच्चों की मौत के बाद प्रदेश से लेकर देश का स्वास्थ्य विभाग में हडक़ंपमच गया तथा जांच शुरु की गई सबसे पहले जिले में पदस्थ दो औषधि निरीक्षकों गौरव शर्मा तथा शरद जैन को निलंबित किया गया वहीं विभाग के ऊपर के अधिकारी को हटाया गया तथा कफ सिरप लिखने वाले परासिया के डॉक्टर प्रवीण सोनी तथा दवा कंपनी के मालिक रंगनाथन पर प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया था। एसआईटी ने के महेश्वरी श्रीसनफार्मास्यूटिकल्स कंपनी की केमिकल एनालिस्ट, राजेश सोनी न्यू अपना फार्मा दवा एजेंसी छिंदवाड़ा का संचालक, सौरभ जैन परासिया स्थित अपना मेडिकल का फार्मासिस्ट, सतीश वर्मा कोल्ड्रिफ कफ सिरप कंपनी का जिले का मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव, ज्योति सोनी अपना मेडिकल स्टोर की संचालिका, शैलेश पांड्याश्रीसनफार्मास्यूटिकल्स तमिलनाडु का केमिकल सप्लायर को गिरफ्तार कर एसआईटी ने जेल पहुंचाया है। कुंडीपुरा थाने में भी एक प्रकरण दर्ज किया गया जिसमें जांच के बाद पुलिस ने मेडिकल स्टोर के संचालक अनिल कुमार मिश्रा तथा फार्मासिस्ट अशोक कुमार मिश्रा को भी आरोपी बनाया है।
एसआईटी की इस प्रकरण में विवेचना चल रही है, जांच में नाम सामने आने पर परासिया के डॉ एसएस ठाकुर, डॉ अमन सिद्धिकी को भी सह आरोपी बनाया गया है। दोनों आरोपियों से एसआईटी पूछताछ कर रही है।