
phe bribery case chhindwara lokayukta catches clerk taking bribe
MP News: मध्यप्रदेशमें रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला छिंदवाड़ा जिले का है जहां लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने एक चाय की टपरी पर रिश्वत लेते हुए पीएचई विभाग के पंप अटेंडेंट को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है, वो बाबू के कहने पर रिश्वत ले रहा था।
सौरभ मिश्रा निवासी अम्बाड़ा गांव तहसील परासिया जिला छिंदवाड़ा ने लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में फरियादी सौरभ मिश्रा ने बताया कि उसने पीएचई विभाग छिंदवाड़ा में निर्माण कार्य का ठेका लिया है। ठेके के काम का कुल 30% काम पूर्ण करने पर उसके खाते में 4,11,665 रुपए प्राप्त हुए हैं, रुपए खाते में आने पर पीएचई विभाग छिंदवाड़ा में पदस्थ बाबू संदेश गजभिये के द्वारा उससे 6% के हिसाब से लगभग 25 हजार रुपए रिश्वत की मांग की जा रही है।
लोकायुक्त टीम ने फरियादी सौरभ मिश्रा की शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर फरियादी सौरभ मिश्रा को रिश्वतखोर बाबू संदेश गजभिये के पास भेजा। बाबू संदेश गजभिये ने दर्पण मिश्रा पंप अटेंडेंट पीएचई विभाग परारिया से मिलने की बात कही। जब फरियादी ने दर्पण मिश्रा से फोन पर बात की तो 14 हजार रुपये में लेन देन तय हुआ और रिश्वत की रकम देने के लिए खजरी रोड पर स्थित एक चाय की टपरी पर बुलाया। टपरी पर जैसे ही पंप अटेंडेंट दर्पण मिश्रा ने रिश्वत की रकम ली तो लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। लोकायुक्त ने इस मामले में बाबू संदेश गजभिये के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7,12,13(1)B, 13(2) के अंतर्गत कार्यवाही की गई है। ट्रैप दल में टीएलओ निरीक्षक शशिकला मस्कुले, निरीक्षक जितेन्द्र यादव, उप निरीक्षक शिशिर पांडेय एवम् लोकायुक्त जबलपुर का दल शामिल रहा।
इससे पहले बीते दिनों शिवपुरी नगर पालिका के निलंबित एआरआई हरिवल्लभ चंदौरिया की शिकायत पर नगर पालिका शिवपुरी की पदस्थापना शाखा में पदस्थ बाबू भगवान लाल करोलिया को लोकायुक्त ग्वालियर की टीम ने 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था। आवेदक निलंबित एएरआई ने बताया था कि 14 नवंबर 2025 को उसे सीएमओ ने बिना किसी नोटिस के निलंबित कर दिया था। वो महीनों से नगर पालिका के अलग-अलग बाबूओं के चक्कर काट रहा था और इसी दौरान 16 अप्रैल को बाबू भगवान लाल करोलिया ने उससे बहाली के एवज में सीएमओ के नाम पर 60 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 20 हजार रुपये उसी दिन बाबू ने उससे ले लिए थे।
Published on:
21 Apr 2026 04:35 pm
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