
छिंदवाड़ा। पत्रिका ने खाद्य पदार्थों में अनियमितताओं का मुद्दा उठाए जाने के बाद जिला प्रशासन और खाद्य एवं औषधि विभाग हरकत में आया। शहर और तामिया के होटलों में सघन जांच की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी संध्या मार्को टीम ने जांच की तो तामिया स्थित सेरेंगीटिपिती रेस्टोरेंट में फ्रिज में वेज और नॉनवेज खाद्य पदार्थ साथ रखे मिले। एमपीआरटीसी के रेस्टोरेंट में भी खाद्य पदार्थों में फफूंद लगी पाई गई। जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों में स्टाफ के मेडिकल प्रमाण पत्रों, स्वच्छता मानकों और खाद्य गुणवत्ता में गंभीर कमी मिली। विभाग ने इन कमियों पर संबंधित होटलों और रेस्टोरेंट को नोटिस जारी किए हैं। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में की गई है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी गोपेश मिश्रा और पंकज कुमार घाघरे की टीम ने बुधवार को शहर के प्रमुख होटलों चाचा की रसोई इमलीखेड़ा, आशीर्वाद ढाबा इमलीखेड़ा, होटल साई बजरंग और होटल सनफायर वेंकटेश मॉल का औचक निरीक्षण किया। टीम को इन स्थानों से स्टाफ का मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं होना, कच्चे खाद्य पदार्थों के संग्रहण स्थान में साफ-सफाई की कमी, नालियों के ड्रेनेज का प्रवाह में न होना और वाटर टेस्टिंग रिपोर्ट नहीं होना पाया गया है।
तामिया के टूरिस्ट क्षेत्र में सेरेंगीटिपिती और एमपीआरटीसी के रेस्टोरेंट का टीम ने जब निरीक्षण किया तो वेज व नॉनवेज एक साथ फ्रिज में मिलने के साथ ही सेरेंगीटिपिती में फ्रीज अत्यधिक गंदा और बदबूदार मिला। एमपीआरटीसी में खाद्य पदार्थों में फफूंद के साथ ही अनुपयोगी खाद्य पदार्थों से भोजन निर्माण किया जाना पाया गया। इन दोनों रेस्टोरेंट्स के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के अंतर्गत नोटिस जारी किया जा रहा है।
शहर के आसपास के होटल की जांच आवश्यक
पत्रिका ने इस घोर लापरवाही को उठाया था कि शहर के कई होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में शाकाहारी व मांसाहारी भोजन परोसने के मानकों की गंभीर अनदेखी की जा रही है। खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन देखा जा रहा है, जिससे ग्राहकों की धार्मिक भावनाओं और एलर्जी संबंधी सेहत को गंभीर नुकसान हो रहा है। छिंदवाड़ा शहर के वह होटल जो वेज व नॉनवेज परोसते है वहां पर भी अमले को जांच करनी चाहिए।