
पांढुर्णा के गोटमार मेले में परंपरागत टकराव जारी : फोटो सोर्स : instagram siratha_wale__
Gotmar Mela : पांढुर्णा के गोटमार मेले में झंडे के लिए परंपरागत टकराव जारी है। जाम नदी के किनारे पत्थरबाजी चल रही है। पांढुर्णा और सावरगांव के ग्रामीण एक दूसरे पर पत्थर बरसा रहे हैं। शुक्रवार को झंडे पर कब्जे के लिए यह लड़ाई चल रही है जिसमें अभी तक 650 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। घायलों को इलाज के लिए बनाए गए विशेष अस्पतालों में ले जाया जा रहा है, 22 एंबुलेंस भेजीं हैं। पांढुर्णा में गोटमार मेला शुरू होते ही दोनों पक्षों के लोगों ने आमने सामने आते हुए पत्थरबाजी शुरु कर दी। पत्थर लगने से कई लोगों के सिर फूट गए जिनमें से 4 की हालत गंभीर है। पांढुर्णा के विधायक निलेश उईके ने भी पत्थर बरसाए। कांग्रेस विधायक ने परंपरा को आस्था के साथ निभाने की भी बात कही। पूरी घटना की 3 ड्रोन से निगरानी की जा रही है। 650 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
गोटमार मेले की इस पंरपरा में कई लोग अपनी जान भी गंवा चुके
पांढुर्ना का गोटमार मेला देशभर में विख्यात है। यहां पत्थरबाजी की सदियों पुरानी परंपरा है। गोटमार मेले की इस पंरपरा में कई लोग अपनी जान भी गंवा चुके हैं। हर साल सैंकड़ों लोग घायल होते हैं।
इस बार गोटमार मेला में पत्थर बाजी से घायलों के इलाज के लिए खासी कवायद की गई है। कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ के अनुसार मेला क्षेत्र में 7 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने घायलों के तवरित इलाज के लिए 44 डॉक्टरों की टीम बनाकर ड्यूटी लगाई। 22 एंबुलेंस भी तैनात की गई। इनसे घायलों को जरूरत के अनुसार प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा जा रहा है।
गोटमार मेला में सुरक्षा के लिए इस बार 3 ड्रोनों से निगरानी की जा रही है। इतना ही नहीं मेला क्षेत्र और आसपास 650 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 10 CCTV कैमरे भी लगाए गए हैं।
पांढुर्णा कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ ने बताया कि पांढुर्णा में परंपरागत रूप से गोटमार का आयोजन के लिए पुलिस और प्रशासन ने खासी तैयारी की। हमने चिकित्सा शिविर बनवाए , उसमें चिकित्सक दल तैनात किए और लगभग 22 एंबुलेंस उपलब्ध कराईं।
Updated on:
11 Sept 2026 03:43 pm
Published on:
11 Sept 2026 12:41 pm
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