
पॉलीथिन में गर्म चाय, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source: AI Image)
Chhindwara news: एमपी के छिंदवाड़ा शहर की चाय की दुकानों और छोटे नाश्ता केंद्रों पर ग्राहकों को पॉलीथिन की थैलियों में गर्म चाय परोसने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। कम लागत और आसानी के चक्कर में दुकानदार उबलती हुई चाय सीधे पॉलीथिन में भरकर दे रहे हैं। हालांकि यह तरीका दुकानदारों और ग्राहकों दोनों के लिए सुविधाजनक लग सकता है, लेकिन यह स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से एक गंभीर खतरा बनता जा रहा है। जिले में प्रतिदिन बड़े पैमाने पर पॉलिथिन की खपत गर्म चाय में हो रही है। इस खतरनाक चलन के पीछे मुख्य वजह केवल इसकी क्षणिक सुविधा और कम लागत है। दुकानदारों को पॉलीथिन सस्ती पड़ती है और पार्सल देने में किसी प्रकार की टूट-फूट का झंझट नहीं रहता। लेकिन यह मामूली मुनाफा लोगों की सेहत के लिए यह बेहद नुकसानदायक है।
विशेषज्ञों और डॉक्टरों के अनुसार, जब गर्म चाय या कोई भी गर्म खाद्य पदार्थ सामान्य या निम्न गुणवत्ता वाली पॉलीथिन के संपर्क में आता है, तो प्लास्टिक में मौजूद खतरनाक थैलेट्स और माइक्रोलास्टि जैसे रासायन पिघलकर धीरे-धीरे चाय में मिलने लगते हैं। इस दूषित चाय का सेवन करने से शरीर में कई तरह की परेशानियां पैदा हो सकती हैं।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरणकी गाइडलाइन में स्पष्ट निर्देश हैं कि चाय, कॉफी, दूध या अन्य किसी भी गर्म खाद्य पदार्थ को गैर-फूड-ग्रेड प्लास्टिक पाउच में पैक नहीं किया जाना चाहिए। इसके बावजूद धड़ल्ले से नियमों की अनदेखी हो रही है। स्थानीय प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग इस मामले में जांच और कार्रवाई नहीं करता है।
चाय और नाश्ता केंद्रों की नियमित जांच की जाए ताकि सुरक्षित खाद्य पैकेजिंग का उपयोग सुनिश्चित हो सके। साथ ही, नागरिकों को भी जागरूक होकर पॉलीथिन में चाय लेने से साफ इंकार करना चाहिए और दुकानदारों से केवल सुरक्षित कप या बर्तन में ही चाय देने का आग्रह करना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि सेहत के साथ ही उपयोग के बाद फेंकी जाने वाली ये पॉलीथिन थैलियां मिट्टी और जल स्रोतों को दीर्घकालिक नुकसान पहुंचाती हैं, जिससे पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है।
मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. दिनेश ठाकुर के अनुसार प्लास्टिक में गर्म पदार्थ का उपयोग सेहत के लिए बहुत ही खतरनाक है। प्लास्टिक के रसायन शरीर के एंडोक्राइन सिस्टम को प्रभावित करते हैं, जिससे हॉर्मोन्स का संतुलन बिगड़ सकता है। इस प्रकार के पॉलिथिन और प्लास्टिक डिस्पोजल में लगातार चाय सेवन करने से तंत्रिका तंत्र पर बुरा असर पड़ता है और भविष्य में कैंसर जैसी घातक बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। प्लास्टिक में चाय व अन्य गर्म खाद्य पदार्थों के साथ ही प्लास्टिक कोटिंग वाले डिस्पोजल का उपयोग नहीं करना चाहिए।
Updated on:
10 Sept 2026 03:01 pm
Published on:
10 Sept 2026 03:01 pm
