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डोली बनाकर तीन नदियां पार कर महिला को ले गए उपचार कराने

जुन्नारदेव के ग्राम पील्हावाड़ी की नवविवाहिता को थी तेज दर्द शिकायत, उफनती नदियों और जंगल से होते हुए डोली में लेकर पहुंचे दमुआ, पील्हावाड़ी से दमुआ तक पहुंचने में परिवार को लगभग छह घंटे लगे
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छिंदवाड़ा

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Jitendra Singh Rajput

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Updated: 7 Sep 2026, 12:52 PM IST

junnardev01

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छिंदवाड़ा. जुन्नारदेव विकासखंड के पील्हावाड़ी गांव की एक नवविवाहिता को पेट दर्द होने पर शनिवार को डोली में बिठाकर तीन उफनती नदियों व जंगल की पगडंडियों से कट्टा (बिचबेहरी) तक लगभग छह किमी लाया गया। जिसके बाद परिजनों ने निजी खर्च पर चार पहिया वाहन की व्यवस्था की और गौरखघाट के रास्ते लगभग 13 किमी दूर दमुआ पहुंचे। पील्हावाड़ी से दमुआ तक पहुंचने में परिवार को लगभग छह घंटे लगे। यहां नवविवाहिता को एक निजी चिकित्सक के चिकित्सालय में भर्ती किया गया है, जहां उसका उपचार जारी है। कड्डे (22) पति राजू ढ़ीकू को शनिवार सुबह अचानक पेट में तेज दर्द उठा। पील्हावाड़ी से सडक़ मार्ग न होने के कारण परिजनों ने उपचार के लिए लाठी में साड़ी बांधकर व गद्दा रखकर डोली तैयार की। ससुर मन्नू ढ़ीकू ने गांव के चैतराम भोपा, बारेलाल भोपा, हीरो दर्शमा और सुकर लाल ढ़ीकू को साथ लिया और शनिवार सुबह 10 बजे पैदल सफर प्रारंभ किया। मन्नू ढ़ीकू ने बताया कि पील्हावाड़ी से झालमऊ के बीच डोबरी डोह और दानी घाट नदी को उन्होंने किसी तरह पार किया, लेकिन झालमऊ के पास रिंदों नदी में जल अधिक होने से मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। इसके बाद भी परिजनों ने हार नहीं मानी और मरीज को पहाड़ के किनारे बनी पथरीली जंगली पगडंडी से लंबा चक्कर काटकर किसी तरह कट्टा (बिचबेहरी) तक पहुंचाया।

पील्हावाड़ी से दमुआ तक पहुंचने में परिवार को लगभग छह घंटे लगे। यहां नवविवाहिता को एक निजी चिकित्सक के चिकित्सालय में भर्ती किया गया है, जहां उसका उपचार जारी है। कड्डे (22) पति राजू ढ़ीकू को शनिवार सुबह अचानक पेट में तेज दर्द उठा। पील्हावाड़ी से सडक़ मार्ग न होने के कारण परिजनों ने उपचार के लिए लाठी में साड़ी बांधकर व गद्दा रखकर डोली तैयार की।


सुबह 10 बजे पैदल सफर प्रारंभ


ससुर मन्नू ढ़ीकू ने गांव के चैतराम भोपा, बारेलाल भोपा, हीरो दर्शमा और सुकर लाल ढ़ीकू को साथ लिया और शनिवार सुबह 10 बजे पैदल सफर प्रारंभ किया। मन्नू ढ़ीकू ने बताया कि पील्हावाड़ी से झालमऊ के बीच डोबरी डोह और दानी घाट नदी को उन्होंने किसी तरह पार किया, लेकिन झालमऊ के पास रिंदों नदी में जल अधिक होने से मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। इसके बाद भी परिजनों ने हार नहीं मानी और मरीज को पहाड़ के किनारे बनी पथरीली जंगली पगडंडी से लंबा चक्कर काटकर किसी तरह कट्टा (बिचबेहरी) तक पहुंचाया। पील्हावाड़ी से दमुआ तक पहुंचने में परिवार को लगभग छह घंटे लगे। यहां नवविवाहिता को एक निजी चिकित्सक के चिकित्सालय में भर्ती किया गया है, जहां उसका उपचार जारी है। कड्डे (22) पति राजू ढ़ीकू को शनिवार सुबह अचानक पेट में तेज दर्द उठा। पील्हावाड़ी से सडक़ मार्ग न होने के कारण परिजनों ने उपचार के लिए लाठी में साड़ी बांधकर व गद्दा रखकर डोली तैयार की।