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Teacher day: नवाचार की राह पर शिक्षक, रोचक गतिविधियों से संवार रहे भविष्य

शिक्षक वह नहीं जो शिष्य के अंदर केवल ज्ञान भरे बल्कि विद्यार्थियों में वह ललक पैदा कर दे कि वह खुद ही नए सवाल और अपने आस पास साइंस खोजने लगे।
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छिंदवाड़ा

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Ashish Kumar Mishra

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Updated: 5 Sep 2026, 2:23 PM IST

teacher day

शिक्षक दिवस पर विशेष

छिंदवाड़ा. बदलते जमाने के साथ शिक्षा के तौर-तरीकों में भी तेजी से बदलाव आया है। अब शिक्षक केवल किताबों में लिखे पाठ को पढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों को विषय से जोडऩे और उनकी रुचि बढ़ाने के लिए नए-नए प्रयोग कर रहे हैं। कक्षाओं में नवाचारी गतिविधियों, प्रोजेक्ट, मॉडल, खेल, कहानी, संवाद और स्थानीय संसाधनों के माध्यम से पढ़ाई को आसान और रोचक बनाया जा रहा है। शिक्षकों का मानना है कि हर बच्चे की सीखने की क्षमता और रुचि अलग होती है। ऐसे में केवल व्याख्यान के माध्यम से पढ़ाने के बजाय गतिविधि आधारित शिक्षा बच्चों को ज्यादा प्रभावी ढंग से समझने में मदद करती है। इसी सोच के साथ कई शिक्षक कक्षा में बच्चों को समूहों में बांटकर गतिविधियां कराते हैं, विषय आधारित मॉडल तैयार करवाते हैं और रोजमर्रा की जिंदगी से उदाहरण देकर कठिन अवधारणाओं को सरल बनाने का प्रयास करते हैं। छोटे बच्चों के लिए खेल और गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाई विशेष रूप से प्रभावी साबित हो रही है। गणित के सवालों को खेलों के जरिए हल करवाना, भाषा सीखने के लिए कहानी और संवाद का सहारा लेना तथा विज्ञान के विषयों को प्रयोगों के माध्यम से समझाना बच्चों में जिज्ञासा पैदा कर रहा है। इससे बच्चे कक्षा में केवल श्रोता नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया का सक्रिय हिस्सा बन रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि नवाचारी गतिविधियों का एक बड़ा लाभ यह भी है कि बच्चों को अपनी छिपी प्रतिभा सामने लाने का अवसर मिल रहा है। शिक्षक दिवस पर ‘पत्रिका’ जिले के शासकीय स्कूल में पदस्थ ऐसे ही कुछ शिक्षकों से आपको रूबरू करा रही है।

स्कूल में जैव विविधता पर आधारित बनाई वाटिका
उत्कृष्ट विद्यालय में पदस्थ अमिता शर्मा सांइस की शिक्षिका है। विद्यालय में जैव विविधता पर आधारित वाटिका तैयार की है। औषधीय पौधे लगाकर इनका महत्व विद्यार्थियों को समझाती हैं। ऐसे ही कई नवाचारी गतिविधियों के लिए शिक्षिका को वर्ष 2024 में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया। अमिता दो साल से जिले के शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करा रही है। ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों का हर हफ्ते टेस्ट लेने के साथ उन्हें अध्ययन सामग्री उपलब्ध करा रही हंै। कई विद्यार्थी नीट और जेईई परीक्षा में सफलता पाई है। उनका मानना है कि एक अच्छा शिक्षक वह नहीं जो शिष्य के अंदर ठूस-ठूंस के ज्ञान भरे बल्कि विद्यार्थियों में वह ललक पैदा कर दे कि वह खुद ही नए सवाल और अपने आस पास साइंस खोजने लगे।

नैतिकता के साथ नवाचारी गतिविधि का पढ़ा रहे पाठ
पीएम श्री शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उमावि में पदस्थ कॉमर्स के शिक्षक राघवेन्द्र वसूले नवाचारी गतिविधियों के लिए जाने जाते हैं। उनका मानना है कि बच्चे ज्ञान तो कहीं से पा जाते हैं, लेकिन उनमें नैतिकता की कमी आ रही है, उसका विकास करना जरूरी है। वे इसके लिए पूरे जिले के स्कूलों के लिए काम कर रहे हैं। शिक्षक राघवेन्द्र ने कोरोना कॉल में विद्यार्थियों के लिए कई नवाचारी गतिविधि भी की। उन्होंने बताया कि शासकीय स्कूल में अधिकतर निर्धन बच्चे अध्ययनरत हैं। अधिकांश लोगों के पास ऐसी व्यवस्था नहीं थी कि वह मोबाइल से पढ़ाई कर सकें। इसके लिए उन्होंने पाठ्यक्रम से संबंधित ऑडियो तैयार किए और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए। जिससे विद्यार्थी के लिए पढ़ाई काफी आसान हो गई। इसके अलावा वे केबीसी के तर्ज पर विद्यार्थियों से क्लासरूम में ही वैकल्पिक प्रश्न तैयार कराते हैं। हर वर्ष कठिन प्रश्नों के उत्तर के पोस्टर विद्यार्थियों से तैयार कराते हैं और उसे क्लासरूम के दीवारों पर सजवाते हैं। विद्यार्थी न चाहते हुए भी क्लासरूम में आने पर इन्हें पढ़ता है और उसकी तैयारी अच्छी हो जाती है।