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Farmer: रसायन मुक्त स्वीट कॉर्न का स्वाद लोगों को चखा रहे शिवचरण

प्राकृतिक एवं जैविक खेती से संबंधित वीडियो देखे। धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती को अपनाना प्रारंभ किया। बायो रिसोर्स यूनिट (बीआरसी यूनिट) भी प्रदान की गई।
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प्राकृतिक खेती से किसान को हो रही बेहतर आमदनी


छिंदवाड़ा. जिले के किसान रसायनों के हानिकारक दुष्प्रभावों के प्रकृति जागरूक होकर प्राकृतिक खेती को अपनाकर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। ग्राम कुहिया के किसान शिवचरण कुशवाहा भी उन्हीं जागरूक किसानों में से एक हैं, जो प्राकृतिक खेती से स्वीट कॉर्न उत्पादित कर लाखों की आय प्राप्त कर रहे हैं और जैविक उत्पादों के प्रेमियों को रसायन मुक्त स्वीट कॉर्न का स्वाद चखा रहे हैं। साथ ही पर्यावरण संरक्षण में सहभागी बन रहे हैं। किसान ने बताया कि उनके पास 4 एकड़ कृषि भूमि एवं 2 देशी गाय हैं। कुछ वर्ष पूर्व वे अपने संपूर्ण खेत में रासायनिक खेती करते थे। रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के लगातार उपयोग से खेती की लागत बढ़ती जा रही थी, साथ ही उन्हें अपने खेत की मृदा उर्वरता में भी कमी महसूस होने लगी थी। वर्ष 2018 में किसान शिवचरण ने सुभाष पालेकर के प्राकृतिक एवं जैविक खेती से संबंधित वीडियो देखे। इनसे प्रेरित होकर उन्होंने अपने खेत में धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती को अपनाना प्रारंभ किया। उनका उद्देश्य खेती की लागत को कम करना, भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखना, रसायनमुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पाद तैयार करना तथा अपने परिवार एवं उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य उपलब्ध कराना था। साथ ही वे प्राकृतिक खेती के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देना चाहते थे।

जागरुकता एवं ओरिएंटेशन कार्यक्रम में मिली कई जानकारी
किसान ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2025 से एनएमएनएफ योजना अंतर्गत जागरूकता एवं ओरिएंटेशन कार्यक्रमों में भाग लिया एवं प्राकृतिक खेती के विभिन्न घटकों को तैयार करने एवं उपयोग करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने बीजामृत, जीवामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र आदि प्राकृतिक कृषि आदानों को तैयार करना एवं उनका उपयोग करना सीखा। प्राकृतिक खेती के प्रति उनकी सक्रियता एवं कार्य को देखते हुए उन्हें योजना के अंतर्गत बायो रिसोर्स यूनिट (बीआरसी यूनिट) भी प्रदान की गई। इसके माध्यम से वे प्राकृतिक कृषि आदान आसानी से तैयार कर अपने खेत में उपयोग करने के साथ-साथ आवश्यकता के अनुसार अन्य किसानों को भी उपलब्ध करा रहे हैं।

विभिन्न फसलों के साथ स्वीट कॉर्न की सफल खेती
वर्तमान में किसान शिवचरण खेत में विभिन्न फसलों की अंतवर्ती खेती के साथ-साथ प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। इसमें अदरक, तुअर, तिल्ली और बेबी कॉर्न, बैंगन और स्वीट कॉर्न, लगभग 4,000 गेंदा पौधों के साथ स्वीट कॉर्न की अंतरवर्तीय खेती एवं 2 एकड़ में मुख्य रूप से स्वीट कॉर्न की खेती कर रहे हैं। स्वीट कॉर्न की खेती से अब तक लगभग 60,000 रुपए की लागत आई है। 2,70,000 के स्वीट कॉर्न अभी तक विक्रय कर चुके हैं, जिससे उन्हें 2 एकड़ में 2,10,000 का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है। प्राकृतिक तरीके से उत्पादित स्वीट कॉर्न की स्थानीय स्तर पर अच्छी मांग बनी हुई है। विशेष रूप से कुहिया ग्राम के शिक्षक एवं जैविक उत्पाद पसंद करने वाले उपभोक्ता उनके खेत से सीधे सब्जियां एवं स्वीट कॉर्न खरीदने के लिए आते हैं।