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बारिश थमी तो वायरस ने किया बेहाल, हर घर में बीमार

एक सप्ताह बाद भी नहीं उतर रहा बुखार, कमजोरी, चक्कर व खांसी से मरीज परेशान, जिला अस्पताल की ओपीडी 1500 पर, सुबह से ही पर्ची काउंटर, डॉक्टरों के कक्ष और जांच केंद्रों के बाहर मरीजों की भीड़
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chhindwara jila asptaal

chhindwara jila asptaal

छिंदवाड़ा। जिले में बारिश के बाद अब मौसम में बदलाव लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। बारिश थमने के बाद वायरल बुखार, सर्दी-खांसी और कमजोरी के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। स्थिति यह है कि शहर से लेकर गांवों तक बड़ी संख्या में लोग वायरल की चपेट में है। सामान्य तौर पर तीन-चार दिन में ठीक होने वाला वायरल बुखार कई मरीजों में एक सप्ताह बाद भी पूरी तरह ठीक नहीं हो रहा है। बुखार उतरने के बाद भी शरीर में कमजोरी, चक्कर, बदन दर्द और खांसी बनी रहने से मरीज परेशान है। जिला अस्पताल की ओपीडी में भी इसका असर दिखाई दे रहा है। यहां रोजाना मरीजों की संख्या बढ़ रही है और ओपीडी का आंकड़ा 1500 के पार पहुंच गया है। सुबह से ही पर्ची काउंटर, डॉक्टरों के कक्ष और जांच केंद्रों के बाहर मरीजों की भीड़ नजर आ रही है। बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं में वायरल संक्रमण के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। कई परिवारों में एक के बाद दूसरे सदस्य के बीमार होने से घर-घर बीमारी का असर दिखाई दे रहा है।

बारिश के बाद बदला मौसम बना कारण

लगातार बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ी और अब बारिश थमने के साथ तापमान में उतार-चढ़ाव शुरू हो गया है। सुबह-शाम ठंडक और दिन में गर्मी का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। मौसम के इस बदलाव के बीच वायरल संक्रमण तेजी से फैलने की आशंका बढ़ गई है। अस्पताल पहुंच रहे मरीजों में बुखार के साथ गले में खराश, नाक बहना, खांसी, सिरदर्द, बदन दर्द और अत्यधिक थकान जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं।

बुखार उतरने के बाद भी कमजोरी

कई मरीजों का कहना है कि शुरुआत में तेज बुखार आया, दवा लेने के बाद तापमान सामान्य हुआ, लेकिन इसके बाद भी कमजोरी और चक्कर की समस्या बनी हुई है। कुछ मरीजों में खांसी भी कई दिनों तक बनी रहने की शिकायत है। डॉक्टरों का कहना है कि वायरल संक्रमण में पर्याप्त आराम और शरीर में पानी की कमी न होने देना बेहद जरूरी है। बीमारी के दौरान कामकाज या शारीरिक मेहनत करने से कमजोरी लंबे समय तक बनी रह सकती है।

डॉक्टर की सलाह - लापरवाही न करें

(जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. हर्षवर्धन कुड़ापे)

- बुखार आने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए।

- पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें, पौष्टिक व हल्का भोजन करें और पर्याप्त नींद लें।

- भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें तथा खांसते-छींकते समय मुंह और नाक ढंकें।

- घर में किसी सदस्य को बुखार या संक्रमण के लक्षण हों तो उसके इस्तेमाल की वस्तुओं को अलग रखें और हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखें।

- लगातार कई दिन बुखार बना रहने, तेज कमजोरी, सांस लेने में परेशानी, लगातार उल्टी, बेहोशी या अत्यधिक चक्कर जैसी स्थिति में मरीज को तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।