
छिंदवाड़ा। कोतवाली पुलिस ने एक अंतर राज्यीय चोर को पकडऩे में सफलता पाई है। जिनके पास से चोरी किए गए करीब 15 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर बरामद किए गए हैं। दो आरोपियों ने मिलकर छिंदवाड़ा में एक घर में दिनदहाड़ेरैकी की तथा चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। संतोष फरकारे (48) निवासी चंदनगांव ने एक अक्टूबर 2026 को चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने शिकायत में बताया था कि 30 सितंबर 2026 को वह काम से बाहर गए थे और उनकी शिक्षिका पत्नी स्कूल गई हुई थीं। दोपहर करीब तीन बजे जब उनकी पत्नी घर लौटीं, तो उन्होंने देखा कि घर का ताला टूटा हुआ था। अलमारी में रखे कपड़े बिखरे पड़े थे और 15 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर तथा कुछ नकदी गायब थी। पुलिस ने शिकायत पर चोरी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु की थी। दिन में हुई इस चोरी की घटना को गंभीरता से लेते हुए कई पुलिस टीम बनाई गई जो जांच में जुट गई। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिर तंत्र सक्रिय किया।
जांच के दौरान सूचना मिली कि घटना स्थल के आसपास रीवा जिले के सिमरिया निवासी पुष्पेन्द्र कुशवाहा घूमते हुए दिखाई दिया था। पुलिस को पता चला कि पुष्पेन्द्र एक अंतर राज्यीय चोर है, जिसके खिलाफ मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में चोरी के कई मामले और उत्तरप्रदेश में गैंगस्टर अधिनियम के तहत भी प्रकरण दर्ज हैं। वह कई मामलों में फरार चल रहा था। पुलिस ने रीवा, सतना, चित्रकूट, मैहर और कटनी में उसकी तलाश की तथा सूचना मिली कि पुष्पेन्द्र कुशवाह सिवनी में चोरी का माल बेचने के लिए घूम रहा है। पुलिस ने उसे सिवनी से पकड़ा और पूछताछ शुरु कर दी।
आरोपी पुष्पेंद्र कुशवाह ने पहले तो गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन गहन पूछताछ में उसने अपने साथी विकास उर्फ बहात्तरसिंग के साथ मिलकर चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। दूसरा आरोपी विकास सिंह अभी फरार है। पुलिस ने आरोपी पुष्पेन्द्र कुशवाहा के पास से लगभग 15 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर और 1150 रुपये नकदी जब्त की है। आरोपी पुष्पेन्द्र के खिलाफ एक गैंगस्टर अधिनियम, एक शस्त्र अधिनियम और छह चोरी के अपराध सहित कुल आठ मामले दर्ज हैं। पुलिस टीम दूसरे आरोपी की तलाश में भी जुट गई है।
इस कार्रवाई में निरीक्षक आशीष कुमार धुर्वे, निरीक्षक सत्येन्द्र सिंह बघेल, उपनिरीक्षक रंजीत सिंह धुर्वे, सउनि ब्रिजेश रघुवंशी, आरक्षक विकास बैस, सागर डहेरिया, निक्की विश्वकर्मा, सायबर सेल से प्रधान आरक्षक नितिन सिंह, आदित्य रघुवंशी और सतना सायबर सेल से दिपेश पटेल की मुख्य भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय ने पुलिस के इस दल को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।