छिंदवाड़ा

चिटफंड कंपनियों ने जिले के लोगों को लूटा, नहीं मिला अब तक पीडि़तों को न्याय

वकीलों ने दिया पीडि़तों को अपना समर्थन, जो है पीडि़त उन्हें शिकायत करने आना चाहिए आगे

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छिंदवाड़ा. वर्ष 2009 से लेकर 2016 तक जिले में संचालित हो रही चिटफंड कंपनियों ने जिले के हजारों लोगों के साथ ठगी कर उनके करोड़ों रुपए हड़प लिए है। जिसकी 2016 व 2017 में एफआईआर हुई लेकिन 10 वर्ष बीत जाने के बाद भी लोगों को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। वर्षों से वह अपने पैसे वापस पाने की आस में बैठे हुए है। दर्जनों एफआईआर थानों में हुई तथा इन चिटफंड कंपनियों के संचालक जेल गए तथा संपत्तियां सील की गई लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं निकल पाया है। प्रकरण न्यायालय में है या फिर आरोपियों के फरार होने से प्रकरण लंबित है। अपने जमा पैसों को पाने की उम्मीद भी लोग अब छोड़ चुके है ऐसे में वह अब बात करना भी उचित नहीं समझ रहे है, एक बुरा सपना समझकर वह इस फर्जीवाड़े से उबरना चाह रहे है। शहर के वकीलों ने भी पीडि़त लोगों को अपना समर्थन दिया है तथा जल्द से जल्द न्याय मिले इस बात पर जोर दिया है। उनका कहना है कि उन्हें अपने हक के लिए लगातार खड़ा होना होगा तथा उन्हें जहां भी उनकी जरूरत पड़ेगी व उन्हें सहायता जरूर करेंंगेे। जिन लोगों ने शिकायत नहीं की है उन्हें आगे आकर शिकायत करनी चाहिए तथा वर्तमान में जो भी फर्जीवाड़े चल रहे है उसकी शिकायत करनी चाहिए तथा लोगों को जागरूक करना चाहिए।

इनका कहना है।


लोगों की जमा पूंजी चिटफंड कंपनियों ने बड़ी आसानी से लूट ली है। लोगों को जानकारी तक नहीं है कि उनके प्रकरण का क्या हो रहा है। अपने हक के लिए उन्हें आगे आकर लडऩा चाहिए।


सुजीत सिंह, अधिवक्ता


पीडि़त लोगों को लगता है कि वह शिकायत करने आगे आएंगे तो उनकी साख को धक्का लगेगा, लेकिन शिकायत कर उन फर्जी कार्य करने वालों को सबक सिखाना चाहिए।
लोग शिकायत कर कानूनी सलाह ले उन्हें फायदा ही होगा।


विनय डेहरिया, अधिवक्ता


पैसा जमा करने के बाद शिकायत की गई लेकिन शिकायत की जांच कहां तक हुई है उसकी जानकारी लोगों को पुलिस से लेनी चाहिए। जिसके लिए उन्हें विधिक सहायता की सलाह लेनी चाहिए।


अजय भार्गव, अधिवक्ता


वर्तमान में अगर चिटफंड कंपनी संचालित हो रही है तो लोगों को आगे आकर शिकायत करनी चाहिए तथा लोगों को भी जागरूक करना चाहिए। न्यायालय में चल रहे प्रकरण के संबंध में भी जानकारी ली जा सकती है।


आकाश सूर्यवंशी, अधिवक्ता

Published on:
22 Apr 2025 11:47 am
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