अब भी कई आवेदकों को प्रवेश नहीं मिल पाया है।
छिंदवाड़ा. कॉलेजों में स्नातक, स्नातकोत्तर में दाखिले के लिए इस बार छह चरण आयोजित किए गए। शनिवार को अंतिम चरण की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बावजूद भी कई कॉलेजों में कुछ संकाय में सीट खाली रह गई है। वहीं कुछ संकाय में अब भी कई आवेदकों को प्रवेश नहीं मिल पाया है। बड़ी बात यह है कि जिले के लीड कॉलेज पीजी कॉलेज में इस बार कई संकाय में सीट नहीं भर पाई। जबकि इस कॉलेज में न केवल छिंदवाड़ा बल्कि सिवनी, बालाघाट के भी विद्यार्थी दाखिला लेने आते हैं। पीजी कॉलेज में बीए में कुल 1710 सीट थी। इस संकाय में दाखिला के पांच चरण में ही सीट भर गई। जबकि बीकॉम में इस बार अधिक विद्यार्थियों ने दाखिला लेने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। बीकॉम में कुल 490 सीट थी। इसमें छह चरण में 332 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया। जबकि अब भी 158 सीट खाली है। बीकॉम प्लस कम्प्यूटर में कुल 140 सीट थी। इसमें भी महज 80 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया जबकि 60 सीट खाली रह गई। यह स्थिति केवल पीजी कॉलेज में ही नहीं बल्कि राजमाता सिंधिया गल्र्स कॉलेज सहित जिले के अधिकतर शासकीय कॉलेज में है। इस बार सीट रिक्त होने की कई वजह सामने आ रही है। कॉलेजों का कहना है उच्च शिक्षा विभाग ने पहले से ही काफी सीट वृद्धि कर दी थी। इस संबंध में विभाग से सीट में कमी करने के लिए भी लिखा गया था, लेकिन वहां से कोई मार्गदर्शन नहीं मिला। इसके अलावा दो साल से कोरोना की वजह से विद्यार्थियों ने बड़े जिले में दाखिला नहीं लिया था। इस बार विद्यार्थियों ने बड़े जिलों की तरफ भी रूख किया है। जिससे कॉलेजों में सीट खाली रह गई है।
पीजी कॉलेज में रिक्त सीट की यह है स्थिति
संकाय टोटल सीट रिक्त सीट
बीए 1710 0
बीकॉम 490 158
बीकॉम, कम्प्यू. 140 60
बीएससी मैथ 280 114
बीएससी मैथ,कम्प्यू. 150 68
बीएससी मैथ, जुलॉजी 20 9
बीएससी बायो 580 80
बीएससी बायो,कम्प्यू. 90 40
बीबीए 70 0
बीसीए 40 10
माइक्रोबायोलॉजी 50 23
बायोटेक्नोलॉजी 50 16
एमए-अर्थशास्त्र 160 94
एमए-अंग्रेजी 160 52
एमए-हिंदी 160 16
एमए-भूगोल 80 32
एमए-इतिहास 170 0
एमए-राजनीतिशास्त्र 170 0
एमए-समाजशास्त्र 160 0
एमकॉम 270 133
एमएससी-बॉटनी 50 0
एमएससी-कमेस्ट्री 50 0
एमएससी-मैथ 160 83
एमएससी-फिजिक्स 50 9
एमएससी-जुलॉजी 50 0
योगा 50 9
फिटनेस 20 3
इनका कहना है...
सीट पहले से ही कॉलेज में ज्यादा थी। इसके लिए विभाग को पत्र लिखा गया था, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं आया। कई संकाय में सभी सीट भर चुकी है। डॉ. अमिताभ पांडे, प्राचार्य, पीजी कॉलेज
--------