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छिंदवाड़ा। शहर में गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। उपभोक्ताओं को अब भी गैस सिलेंडर प्राप्त करने के लिए गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। गैस एजेंसियों ने अपने गोदामों से सीधे गैस वितरण बंद कर दिया है। विभाग की आंखों में धूल झोकने के लिए उनके वाहन शहर में लगभग दो दर्जन अलग-अलग स्थानों पर खड़े होकर गैस आपूर्ति कर रहे हैं। ऐसे उपभोक्ता, जिन्हें ओटीपी आने के बावजूद गैस नहीं मिल पा रही है, उन्हें इन वितरण वाहनों को ढूंढऩे में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। जब उपभोक्ता गैस एजेंसियों में फोन करते हैं, तो वहां के कर्मचारी उन्हें गैस सिलेंडर वाहन के किसी निश्चित स्थान पर खड़े होने की जानकारी देते हैं। वर्तमान में मोबाइल पर गैस सिलेंडर डिलीवरी का मैसेज भी प्राप्त नहीं हो रहा है, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है, जिसका फायदा गैस एजेंसियां उठा रही है। गैस एजेंसी पहुंचने वाले कई उपभोक्ताओं के साथ कई तरह की समस्याएं है जिसका हल भी नहीं हो रहा है।
जिन उपभोक्ताओं को गैस नंबर लगने और ओटीपी आने के बाद भी 25 दिनों तक गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है, वे जब एजेंसी पहुंचते हैं, तो कर्मचारी उनका पुराना ओटीपी वाला नंबर लेकर उस मैसेज को हटा देते हैं या फिर बुकिंग कैसिंल करने का हवाला देते है। इसके बाद तत्काल मोबाइल पर नया ओटीपी जनरेट कर उन्हें तुरंत गैस उपलब्ध कराने का दावा करते है। गैस उपभोक्ता रमेश कुमार ने बताया कि उनके साथ भी गैस बुकिंग रद्द् होने तथा नई बुकिंग कर गैस सिलेंडर प्राप्त करने की बात सिलेंडर सप्लायर ने की थी। यह स्थिति इस सवाल को जन्म देती है कि क्या यह खेल एजेंसी संचालकों की जानकारी के बिना चल रहा है, या फिर यह सब उनके इशारे पर लगातार किया जा रहा है।
वर्तमान में मोबाइल पर गैस सिलेंडर डिलीवरी का मैसेज भी प्राप्त नहीं हो रहा है, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है, जिसका फायदा गैस एजेंसियां उठा रही है। विभाग की आंखों में धूल झोकने के लिए उनके वाहन शहर में लगभग दो दर्जन अलग-अलग स्थानों पर खड़े होकर गैस आपूर्ति कर रहे हैं। ऐसे उपभोक्ता, जिन्हें ओटीपी आने के बावजूद गैस नहीं मिल पा रही है, उन्हें इन वितरण वाहनों को ढूंढऩे में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
शहर के होटल संचालक ने बताया कि उसे चार दिन में एक गैस सिलेंडर लगता है वह घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग करता है तथा उसे वह 1500 रुपए में मिल जाता है। इससे यह तो साफ है कि गैस सिलेंडर की काला बाजारी लगातार जारी है और वह गैस एजेंसी संचालकों व उनके कर्मचारियों की मिली भगत से हो रही है। गैस एजेंसी पहुंचने वाले कई उपभोक्ताओं के साथ कई तरह की समस्याएं है जिसका हल भी नहीं हो रहा है।
इनका कहना है।
गैस एजेंसियां गैस की होम डिलेवरी कर रही है अगर किसी उपभोक्ता को गैस वितरण से संबंधित समस्या है तो वह विभाग को शिकायत कर सकता है। बेहतर से बेहतर व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
राघवेंद्र लिल्हारे, सहायक आपूर्ति अधिकारी, छिंदवाड़ा।
Published on:
17 May 2026 11:26 am
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