जिले की सड़कों पर बने पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त है। तेज बारिश के चलते ये कभी भी धाराशायी हो सकते हैं।
छिंदवाड़ा. जिले की सड़कों पर बने पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त है। तेज बारिश के चलते ये कभी भी धाराशायी हो सकते हैं। पुलिस सम्बंधित रोड एजेंसी को समय-समय पर सूचित करती है। ताकि सही वक्त पर सुधार हो जाए तो आवागमन बाधित ना हो। किन्तु अभी और आगे भी लम्बे समय तक मरम्मत की उम्मीद कम नजर आ रही है। किन्तु विभागीय अधिकारी बारिश के बाद काम शुरू करने का हवाला दे रहे हैं।
बारिश की शुरुआत माह में सम्बंधित रोड एजेंसी को पुलिस ने 126 जर्जर पुल-पुलिया की सूची भेजी थी। इनमें गहरानाला पुल का भी जिक्र है। नए पुल के निर्माण के बाद अब यह संख्या 125 रह जाती है। किन्तु इस वर्ष वर्षाकाल में 7 बह गए हैं। इनमें बिछुआ विकासखण्ड के अंतर्गत आने वाले 3 है, जबकि शेष सौंसर, लोधीखेड़ा एवं पांढुर्ना के शामिल है। इस तरह अब संख्या 132 हो गई है। अभी बारिश का सिलसिला जारी है, ऐसे में सुधार की अपेक्षा करना बेईमानी है, किन्तु आगे भी जल्द काम हो पाएगा यह कहना भी गलत होगा। क्योंकि अभी तक सम्बंधित विभागों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। जिससे यह कहा जा सके कि आने वाले समय में सुगम यातायात मिलेगा। नए निर्माण की प्रक्रिया को पूर्ण होने में ही चार से छह माह का वक्त लग जाता है, जबकि इनमें से कुछ पुल ऐसे भी है जो एक साथ कई गांव की सड़कों को जोड़ते हैं। इसलिए बारिश के महीने बीतने के बाद मौसम खुलते ही अपेक्षाकृत आवागमन का दबाव अधिक बढ़ेगा। आम लोगों को आवाजाही में तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
अभी तय नहीं कब शुरू होगा काम
जुलाई माह में बहे बिछुआ विकासखण्ड के तीन पुल के निर्माण का अभी ठिकाना नहीं है। शेष जर्जर हो चुके पुल और पुलिया की मरम्मत और नए निर्माण को लेकर अभी तक सम्बंधित विभाग की ओर से योजना नहीं बनाई गई है। सबसे खास बात यह है कि क्षतिग्रस्त पुल पुलिया की संख्या सबसे अधिक ग्रामीण मार्ग पर है। नेशनल हाईवे पर की सबसे बड़ी समस्या गहरानाला पर निर्माण लगभग पूर्णत: की ओर है। हालांकि पूरी क्षमता के साथ इससे आवाजाही कब प्रारम्भ की जाएगी यह कहना मुश्किल है।
बारिश के बाद मरम्मत
बारिश समाप्त होने के उपरांत क्षतिग्रस्त पुल पुलिया की मरम्मत शुरू की जाएगी।
-आशिफ मण्डल, कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग