प्रशासन को देना होगा ध्यान, लगाना होगा प्रतिबंध या फिर करानी होगी निगरानी
छिंदवाड़ा. जिले में पिकनिक स्पॉट, नदी, डैम पर घटनाएं शुरु हो गई हैं। रविवार को कुकड़ीखापा जलप्रपात में एक युवक की मौत ने एक बार फिर से प्रशासन की व्यवस्थाएं पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। दरअसल जिले के पिकनिक स्पॉट पर ऐसी पहली घटना नहीं है। हर वर्ष घटना के बाद प्रशासन व्यवस्था बनाने की बात करता है, लेकिन कुछ दिन बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। प्रशासन केवल चेतावनी जारी करने तक सीमित रह गया है। जबकि बारिश के समय में नदी-नाले उफान पर आ जाते हैं। हर बार की तरह इस बार भी प्रशासन ने जिले के पिकनिक स्पॉट, डैम एवं नदी के पास सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए हैं। इन सबके बीच लोग ऐसे स्थानों पर पहुंचकर अपने व परिवार के लोगों की जान को खतरे में डाल रहे हैं। पिछले तीन साल की बात करें तो अमरवाड़ा, सौंसर के समीप तथा उमरानाला के कुकड़ीखापा में ऐसी घटनाएं हुई हैं।
बीते तीन वर्ष में प्रमुख घटना
14 अगस्त 2021 को उमरानाला चौकी अंतर्गत कुकड़ीखापा जलप्रपात के समीप गड्ढे में पांच युवक पिकनिक मनाने पहुंचे थे। नहाने के दौरान एक युवक डूब गया था तथा उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला था। इसी वर्ष अमरवाड़ा थाना क्षेत्र में पिकनिक मनाने गए तीन बालक डूब गए थे और उनकी मौत हो गई थी। वर्ष 2021 में ही सौंसर थाना क्षेत्र के घोघरा जलप्रपात के समीप पिकनिक मनाने पहुंचा परिवार टापू पर फंस गया था। वर्ष 2022 में भी पिकनिक स्पॉट पर कई हादसे हुए। वर्ष 2023 में छिंदवाड़ा में नदी पार करते समय एक बुजुर्ग समेत दो बालिकाएं बह गईं। डूबने से तीनों की मौत हो गई थी। इसी वर्ष देलाखारी के पास स्थित झिंगरिया जलप्रपात में सेल्फी लेते समय पिपरिया का एक युवक गिर गया। दिन भर युवक की तलाश की गई। सुबह युवक का शव मिला। ऐसे कई हादसे उदाहरण बनकर सामने आए हैं जो लापरवाही और सुरक्षा की अनदेखी को दर्शाते हैं।
देना होगा ध्यान, हमें भी होना होगा जागरूक
जानकारों का कहना है कि जिले में जितने भी पिकनिक स्पॉट, डैम या फिर नदी है उन सभी जगहों पर पुलिस-प्रशासन को सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने होंगे। बारिश के समय होने वाले हादसों से बचने के लिए हर स्थान पर टीमों को आधुनिक संसाधनों और तकनीक से सुसज्जित करना होगा। खतरनाक स्थलों पर सुरक्षा के इंतजाम करने होंगे। लगातार निगरानी करनी होगी। ब्लैक स्पॉट पर लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित करना होगा। आम लोगों को सजगता और सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाने और जागरूक करने के लिए अभियान चलाने होंगे। किसी भी हालात से निपटने के लिए पर्याप्त और कारगर संसाधन भी रखने होंगे। रेस्क्यू के समय राहत और बचाव दल असहाय महसूस करते हैं। बड़ा हादसा होने पर भोपाल, नागपुर या अन्य शहरों से मदद मांगने की नौबत आ जाती है। स्वाभाविक तौर पर इसमें मदद पहुंचने में काफी समय लग जाता है। मदद पहुंचने तक काफी देर होने से जनहानि की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा लोगों को खुद भी जागरूक होना होगा।
जिले के प्रमुख स्थल जहां लोग अक्सर जाते हैं
कुकड़ीखापा
देवरानी दाई
झिंगारिया वाटर फॉल
झिलहरी घाट
सुकरी नदी
माचागोरा डैम
कन्हरगांव डैम
भरतादेव डैम
जाम नदी -
कन्हान नदी -
पेंच नदी
सहित अन्य जल स्त्रोत वाले स्थान