छिंदवाड़ा

छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में लगी आग, 3 नवजात झुलसे, देखें अपडेट

Chhindwara District Hospital : छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के NICU के वार्मर में आग लगने से 3 नवजात झुलसे। तीनों को जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। गंभीर रूप से झुलसी एक मासूम की मौत हो गई है।
2 min read
Chhindwara District Hospital
NICU के वार्मर में लगी आग, बच्चों को ले जाते डॉक्टर (फोटो सोर्स: Input)

Chhindwara News :मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिला चिकित्सालय में देर रात हुए दर्दनाक हादसे ने अस्पताल स्टाफ और यहां भर्ती मरीजों के बीच सनसनी फैला दी है। बताया जा रहा है कि, अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में शुक्रवार - शनिवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब एक वार्मर मशीन में अचानक स्पार्किंग के चलते आग लग गई। हादसे के दौरान वार्मर मशीनों में तीन नवजात बच्चे मौजूद थे। आग की चपेट में आकर तीनों मासूम बुरी तरह से झुलस गए हैं। अभी-अभी जानकारी आई है कि, झुलसने वाले तीन नवजातों में से एक की मौत हो गई है।

घटना के बाद शनिवार सुबह जानकारी सामने आई है कि, जिला अस्पताल में जो तीन नवजात एनईसीयू वार्ड में झुलसने के बाद जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किए गए थे, तीन बच्चों में से एक नवजात बच्ची की मौत हो गई है। जान गवाने वाली बच्ची के पिता का नाम आदित्य वर्मा और माता का नाम शिवानी वर्मा निवासी चांद

गहन देखभाल के लिए वार्मर में रखते हैं

बता दें कि, नवजात बच्चों को जन्म के बाद शरीर का तापमान सामान्य बनाए रखने और गहन देखभाल के लिए अलग - अलग उचित समयावधि के लिए वार्मर में रखा जाता है। रात में वार्मर की हीटिंग यूनिट के फिलामेंट में अचानक स्पार्किंग हो गई, जिसके चलते मशीन में आग लग गई। आग की चपेट में आने से वार्मर में मौजूद तीनों नवजात गंभीर रूप से झुलस गए। तत्काल चिकित्सकों और अस्पताल स्टाफ ने बच्चों को वार्मर से बाहर निकालकर उपचार शुरू किया गाया। हालांकि, उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तीनों नवजातों को बेहतर उपचार के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि, तीनों बच्चों को दो एक्सपर्ट डॉक्टरों की निगरानी में जबलपुर रेफर किया गया था। अभी-अभी जानकारी सामने आई है कि, तीनों नवजातों में से एक बच्ची की मौत हो गई है।

रात से ही गंभीर थी बच्ची की हालत

मामले को लेकर सिविल सर्जन कंचन दुबे का कहना है कि, तीनों बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेफर किया गया है। हालांकि, जान गवाने वाली बच्ची की हालत पहले से ही बेहद नाजुक बनी हुई थी। उसे सर्जरी की आवश्यकता बताई गई थी। हालांकि, जबलपुर मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

पीडियाट्रिक सर्जन न होने के कारण जबलपुर किया गया था रेफर

छिंदवाड़ा में पीडियाट्रिक सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चे को जबलपुर रेफर करना पड़ा था। हादसे के बाद अस्पताल प्रबंधन ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। वार्मर में आग लगने की वजह तकनीकी खराबी और फिलामेंट में हुई स्पार्किंग को बताया जा रहा है।

Updated on:
22 Aug 2026 12:42 pm
Published on:
22 Aug 2026 12:06 pm