Guraiya Sabzi Mandi:
गुरैया थोक सब्जी मंडी लगभग 16 एकड़ के दायरे में है। इसमें 10 मार्च तक पांच एकड़ की पार्किंग की भूमि पर अतिक्रमण था। जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने इस भूमि को खाली तो करा लिया, लेकिन कुसमेली मंडी प्रबंधन इस भूमि के इस्तेमाल करने का ठोस प्लान नहीं बना सका है। इसके कारण अभी भी गुरैया मंडी में वाहनों का जमावड़ा लगता है। कई बार तो घंटों तक मंडी के मुख्य गेट से दूसरी ओर बजरंग नगर जाने के लिए रास्ता नहीं मिल पाता है। रविवार को बाहरी जिलों से आए आलू के तीन ट्रक एक साथ ही लगाकर बोरियां उतारी जा रही थीं, जिससे कुछ देर के लिए जाम लग गया। यही हाल हर दिन रहता है। मंडी के दूसरे हिस्से के मैदान भी उजाड़ पड़ा हुआ है।
गुरैया थोक सब्जी मंडी में 150 भूखंड आवंटित किए गए। इसके पूर्व 69 दुकानें भी आवंटित की जा चुकी हैं। 219 व्यापारियों सहित करीब 300 लाइसेंसी सब्जी व्यापारियों के लिए व्यवस्थाएं बनानी हैं। इनके कारोबार से जुड़े किसान, हम्माल, ट्रक, ट्रैक्टर, फुटकर दुकानदार सहित दो हजार से अधिक लोग एक साथ मंडी में मौजूद रहते हैं। मंडी में कम से कम दर्जन भर यूरिनल, आधा दर्जन शौचालय, पक्की फर्श वाली पार्किंग, एक धर्मकांटा, एक पानी की टंकी, मंडी का एक बड़ा कार्यालय, एवं पुलिस कक्ष की जरूरत है। अभी तक कुसमेली मंडी प्रबंधन इस तरह की तैयारियां नहीं कर सका है। यदि ज्यादा दिनों तक पार्किंग के भूखंड को छोड़ा गया तो फिर से अतिक्रमण की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
इनका कहना है
पार्किंग के लिए अतिक्रमण मुक्त कराए भूखंड के लिए योजना तैयार है। उसे प्रमुख कार्यालय भेज भी दिया गया। प्रमुख कार्यालय में ही प्रक्रिया विचाराधीन है।
- शिवदयाल अहिरवार, मंडी प्रभारी