छिंदवाड़ा

आबादी मद की जमीन पर काबिज हो तो सरकार देगी मालिकाना अधिकार

केन्द्र सरकार की स्वामित्व योजना में 1508 गांवों में ड्रोन सर्वे पूर्ण, 205 गांवों में 16 हजार से अधिक लोगों का स्वामित्व पत्र तैयार
2 min read
• •
Updated: 18 Jan 2024, 10:42 AM IST
photo1705499339.jpeg

छिंदवाड़ा.केन्द्र सरकार की स्वामित्व योजना के अंतर्गत गांवों की सरकारी आबादी मद की जमीन पर काबिज गरीब परिवारों को उसका मालिकाना हक राजस्व रिकार्ड में देने के प्रयास शुरू किए गए हैं। अब तक 205 गांवों में 16 हजार से अधिक रहवासियों का अधिकार पत्र तैयार कर लिया गया है। शेष काम के लिए राजस्व कर्मचारियों को लगाया गया है।
भू-अभिलेख कार्यालय के मुताबिक पांढुर्ना जिला के रिकार्ड को अलग कर दिया जाए तो छिंदवाड़ा जिले में पटवारियों और राजस्व कर्मचारियों ने जिले की 11 तहसीलों में 1508 गांवों में ड्रोन सर्वे पूरा कर लिया है। इनमें से सर्वे ऑफ इंडिया ने 1385 गांवों के ड्राफ्ट नक्शे भी उपलब्ध करा दिए हैं। इसके आधार पर नक्शे और जमीन का खसरे नंबर पर पहुंचकर परीक्षण भी किया गया। इसके बाद इन गांवों के रहवासियों के अधिकार पत्र तैयार करने का सिलसिला चला। अभी तक 16890 रहवासियों का अधिकार पत्र तैयार किया गया है। इसे कलेक्टर न्यायालय से अंतिम रूप में प्रकाशित कर दिया गया है।
सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख स्मृति खंडेलवाल का कहना है कि इस योजना के तहत शेष रह गए गांवों में अधिकार पत्र तैयार किए जा रहे हैं। इससे गरीब परिवारों के मालिकाना हक की समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। वे सरकारी योजनाओं का लाभ भी उठा पाएंगे।
....
जमीन के रिकार्ड से मिल सकेगा बैंक लोन
अब तक गांवों में सरकारी आबादी मद की जमीन पर लोग रह रहे हैं लेकिन उन्हें इसका भू-स्वामित्व हक नहीं दिया गया है। स्वामित्व योजना में ऐसे हितग्राहियों को उनका अधिकार मिल जाएगा। इसके बाद वे अपनी जमीन पर बैंकों से लोन ले सकेंगे। मौजूदा मकान पक्का करा सकेंगे।
.....
भू-अधिकार पत्र...तीन हजार पट्टा वितरित, 11 हजार आवेदन निरस्त
सीएम आवासीय भू-अधिकार पत्र योजना के अंतर्गत ग्रामीण इलाकों के रहवासियों ने 14 हजार आवेदन पट्टे के लिए किए थे । इनमें से अब तक 3143 आवासीय पट्टे तैयार कर उनका वितरण भी कर दिया गया है। शेष आवेदन पत्र पटवारी और राजस्व कर्मचारियों ने निरस्त कर दिया है। नगर निगम स्तर पर 537 आवासीय पट्टे वितरित कर दिए गए हैं। बताते हंैं कि जिन शहरी और ग्रामीण परिवारों के आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं, वे आवासीय पट्टे की आस में कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचकर आवेदन कर रहे हैं।
.....

Published on: