लावाघोघरी क्षेत्र के अंतर्गत बीजागोरा, कोहटमाल सहित दर्जनों गावों की नदियों का सीना छल्ली कर रेत निकाली जा रही है।
छिंदवाड़ा. अम्बामाली. लावाघोघरी क्षेत्र से इन दिनों रेत का अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी है। वहीं मैंनीखापा बायपास रोड पर कई जगह रेत के अवैध भंडारण भी देखे जा सकते है। लावाघोघरी क्षेत्र के अंतर्गत बीजागोरा, कोहटमाल सहित दर्जनों गावों की नदियों का सीना छल्ली कर रेत निकाली जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के अधिकारी भी इन पर कार्रवाई नहीं करते है। जंगलों के रास्ते रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है। इस रेत तस्करी में कुछ नेताओं के संरक्षण में रेत का अवैध कारोबार कर रहे है। जिस पर खनिज विभाग के अधिकारी कर्मचारी भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर रहे है। लावाघोघरी कन्हान के बाद से छिंदवाड़ा बैतूल नेशनल हाईवे होने के बावजूद भी तस्करों के हौसले बुलंद है। रेत तस्करों के ट्रैक्टर जब्त होने के बाद भी आसानी से छूट जाते है इससे प्रशासन का खौफ भी इन पर नहीं है। सोमवार को सौंसर लोधीखेड़ा एवं मोहगांव के बुनकर प्रतिनिधि मंडल की समस्याओं को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर निराकरण करने की मांग की है। जानकारी के अनुसार सोमवार को बुनकर समाज के प्रतिनिधि मंडल ने कांग्रेस नेता सोपान कोहले के नेतृत्व में एसडीएम ओमप्रकाश सनोडिया से मुलाकात करते हुए समस्याओं से अवगत कराया।
बुनकरों ने बताया कि हाथकरधा विकास निगम लिए एवं संत रविदास हस्तशिल्प से सरकारी योजना का लाभ बुनकरों को नही मिल रहा है जिसके चलते बुनकर भाइयों का आर्थिक नुकसान होकर कई परिवारों के सामने भूखे मरने की नौबत आ गई है। इस दौरान एसडीएम सनोडिया ने बुनकरो को आगामी दिनों मे कैम्प लगाकर समस्या का निराकरण करने का आश्वासन दिया है। साथ ही हस्तशिल्प के अधिकारीयों ने अप्रैल माह मे 200 हैडलूम बुनकरों को दिये जाने की बात की है।