रेलवे इ-टिकट की कालाबाजारी के विरुद्ध आरपीएफ नागपुर की क्राइम ब्रांच टीम द्वारा छिंदवाड़ा में विशेष अभियान चलाया गया।
छिंदवाड़ा. रेलवे इ-टिकट की कालाबाजारी के विरुद्ध आरपीएफ नागपुर की क्राइम ब्रांच टीम द्वारा छिंदवाड़ा में विशेष अभियान चलाया गया। जांच के दौरान टीम ने मानसरोवर कॉम्प्लैक्स (चर्च के सामने) स्थित मम्मीजी ट्रेवल्स संचालक मोहननगर निवासी नितिन राय को इ-टिकट की कालाबाजारी के आरोप में रेलवे अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया। शनिवार को उसे जबलपुर रेलवे न्यायायल में पेश किया गया, जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात नागपुर से आई आरपीएफ की क्राइम ब्रांच टीम ने छिंदवाड़ा में रेलवे के इ-टिकट बनाने वाले एजेंटों की दुकानों में स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त रूप से छापेमार कार्रवाई की। टीम ने मानसरोवर कॉम्प्लैक्स स्थित मम्मीजी टे्रवल्स दुकान पर संचालक को इ-टिकट बुकिंग करते हुए पाया। जांच के दौरान दुकान संचालक मोहननगर निवासी 35 वर्षीय नितिन राय पिता ब्रजमोहन राय के पास से पर्सनल आइडी से अलग-अलग व्यक्तियों के बुक किए गए छह इ-टिकट अलग-अलग ट्रेन के पाए गए। आरोपी खुद की आईडी से टिकट बनाकर रेल यात्रियों से अधिक पैसे लेकर बेचता था। क्राइम ब्रांच ने आरोपी को गिरफ्तार कर दुकान से एक कम्प्यूटर, छह टिकट, १५ सौ नकद सहित अन्य सामान जब्त किए। कार्रवाई के दौरान दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर से अपराध असूचना शाखा के प्रभारी इंस्पेक्टर गणेश गरकल, आरपीएफ छिंदवाड़ा के एएसआई धर्मेंद्र कुमार, कोतवाली से एएसआई दिवाकर मिश्रा, आरपीएफ प्रधान आरक्षक अरविंद व महिला आरक्षक संगीता साहू शामिल रही।
कार्रवाई के दौरान दुकान बंद कर भागे एजेंट
बताया जाता है कि रेलवे इ-टिकट एजेंटों के ठिकानों पर आरपीएफ की क्राइम ब्रांच, स्थानीय पुलिस एवं आरपीएफ द्वारा की जाने वाली संयुक्त कार्रवाई की भनक कुछ एजेंटो को लग गई थी। टीम के दुकानों पर धमकने से पहले ही एजेंट फरार हो चुके थे। ऐसे में टीम को बड़ी सफलता हाथ नहीं लग पाई।
इनका कहना है
छिंदवाड़ा आरपीएफ थाना प्रभारी मनीष यादव ने बताया कि पर्सनल आइडी से इ-टिकट का व्यवसाय नहीं किया जा सकता। ऐसा कोई करता पाया जाता है तो अपराध है। इ-टिकट की कालाबाजारी के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।