अंबाड़ा रेंज में बीते तीन दिनों से तेंदुए का आतंक है। जंगल से लगे गौरीढाना क्षेत्र में वन्य जीवों का आना जाना रहता है। किसान खेतों में अपने जानवरों को लेकर जाने में डर रहे है। मिली जानकारी के अनुसार तीन दिनों पहले किसान चन्द्रशेखर धारपुरे के खेत में बंधी गाय और बछिया पर तेंदुए ने हमला कर दिया था। इस घटना में गाय की मौत हो गई। बछिया गंभीर रूप से घायल है। रविवार रात को जंगली जानवर ने एक नीलगाय का शिकार किया। वहीं 15 दिन पहले भी किसान गुलन खापरे के खेत में मवेशियों पर हमला किया गया था।
छिन्दवाड़ा/पांढुर्ना. दक्षिण वन मंडल के अंबाड़ा रेंज में बीते तीन दिनों से तेंदुए का आतंक है। जंगल से लगे गौरीढाना क्षेत्र में वन्य जीवों का आना जाना रहता है। किसान खेतों में अपने जानवरों को लेकर जाने में डर रहे है। मिली जानकारी के अनुसार तीन दिनों पहले किसान चन्द्रशेखर धारपुरे के खेत में बंधी गाय और बछिया पर तेंदुए ने हमला कर दिया था। इस घटना में गाय की मौत हो गई। बछिया गंभीर रूप से घायल है। रविवार रात को जंगली जानवर ने एक नीलगाय का शिकार किया। वहीं 15 दिन पहले भी किसान गुलन खापरे के खेत में मवेशियों पर हमला किया गया था। इस मामले में अंबाड़ा रेंजर एसके गुर्जर ने बताया जंगल से लगे खेतों में वन्यजीव का हमला हो रहा है। संबंधित बीट गार्ड को घटनास्थल पर पहुंचकर प्रकरण तैयार करने और किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बताई हकीकत: जामसांवली हनुमान मंदिर परिसर में शनिवार को डीजे वाहन के अचानक ब्रेक फेल हो जाने से हुए हादसे के बारे अफवाहों की निंदा की गई है। विशाल जामसांवली पदयात्रा आयोजन समिति का कहना है कि वे हिन्दू धर्म की आस्था और परंपरा अनुसार ही पदयात्रा का आयोजन करते है ,कुछ व्यसनी लोग पदयात्रा की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे है। घटना एक हादसा थी जिसमें घायलों को मामूली चोंटे लगी। दो घायलों ने सोमवार को सामने आकर इस तरह की अफवाहों पर विराम लगाया। मालापुर निवासी करन पिता अंतराम सलामे और जयश्री पिता रंपू तुमडाम 14 वर्ष डी जे वाहन की चपेट में आ गए थे। दोनों के पांव में मामूली चोट लगी है। दोनों ने बताया कि घटना के बाद उन्हें प्रशासन सौंसर के सरकारी अस्पताल लेकर गया था जहां उनका उपचार किया गया। पट्टी बांधने और इंजेक्शन लगाने के बाद दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।