
kotwali police
छिंदवाड़ा. शहर में लगातार बाइक चोरी की घटना सामने आ रही थी तथा चोरों को पकडऩा कोतवाली पुलिस के लिए नाक का सवाल बना हुआ था। चोर गिरोह ने पुलिस को चुनौती देते हुए कोतवाली परिसर से वकील की बाइक चोरी कर ली थी, जिससे पुलिस की बहुत किरकिरी हुई थी। 07 अप्रेल 2026 को वकील संतकुमार पिता मथुराप्रसाद पाल निवासी थुनिया भांड जो कि शाम सात बजे कोतवाली थाना की पार्किंग में बाइक खड़ी कर थाने के अंदर गए थे, जब वह 20 मिनट बाद बाहर आए तो वाहन मौके पर नहीं था। शिकायत के बाद जांच में सीसीटीवी में दो लोग बाइक चोरी कर नागपुर मार्ग की ओर ले जाते दिखाई दिए। पुलिस ने जांच शुरू की तथा सीसीटीवी खंगाले तो संदेही का फुटेज सामने आया था, जिसकी शिनाख्त पुलिस ने सोशल मीडिया एवं जिले के थाने तथा पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के थानों से कराई थी। संदेही की पहचान ग्राम सालबड़ी थाना मोर्सी अमरावती महाराष्ट्र के शेख नसीम पिता कासिम के रूप में हुई थी। कोतवाली पुलिस ने नसीम के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह चोरी के मामले में जेल जा चुका है। वह अपने साथी संदेश धुर्वे एवं आकाश झोड़ के साथ वाहन चोरी करता है।
पुलिस ने तीनों संदेही शेख नसीम (45) पिता शेख कासम उर्फ कासिम निवासी मोर्सी अमरवती महाराष्ट्र, संदेश (30) पिता बाबाराव धुर्वे निवासी सालबर्डी मोरसी अमरवती महाराष्ट्र, आकाश (31) पिता सुनील झोड निवासी सालबर्डी बैतूल को महाराष्ट्र के वरुड से पकड़ा तथा पूछताछ शुरू की थी। पूछताछ के बाद आरोपियों के पास से पुलिस ने 19 बाइक बरामद की है जिसकी कीमत 12 लाख रुपए है। शेख नसीम तथा आकाश झोड़ पर महाराष्ट्र के थानों में प्रकरण दर्ज है। इस कार्रवाई में कोतवाली निरीक्षक आशीष धुर्वे, एएसआई ब्रिजेश रघुवंशी, प्रकाश सनोडिया, प्रधान आरक्षक रमेश यादव, नितिन सिंह, लता श्रीवास, आरक्षक आदित्य रघुवंशी, विकास बैस, सागर डेहरिया, अमित तोमर, अंकित जैन, अनिल बघेल, सीसीटीव्ही कन्ट्रोल रूम में पदस्थ एसआई छतरसिंह भलावी, आरक्षक मयंक की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय ने पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
सख्ती से पूछताछ करने पर शेख नसीम ने बताया कि उसने तीन वर्ष पहले बैतूल से एक बाइक चोरी की थी। जिसकी नंबर प्लेट बदलकर वह बाइक चलाता था। जिसके बाद वह जब नहीं पकड़ाया तो उसने अपने साथियों संदेश धुर्वे तथा आकाश झोड़ को यह ट्रिक बताई तथा चोरी बाइक से अन्य स्थानों पर पहुंचकर बाइक चोरी करने तथा पाट्र्स चोरी करने की योजना बनाई थी जिससे वह खूब पैसा बनाएंगे। तीनों ने मिलकर बैतूल, छिंदवाडा, अमरावती, नागपुर, वर्धा से कुल 19 बाइक चोरी की थी, चोरी के बाद वह सबसे पहले बाइक की नंबर प्लेट निकालकर नदी या तालाब में फेंक देते थे। तीनों आरोपियों ने चोरी की दो बाइक विजय (27) रमेश अहाके निवासी बैतूल को बेचना बताया था, जिसे भी पुलिस ने आरोपी बनाया है। इन 19 चोरी की बाइकों को आरोपियों ने अलग- अलग स्थानों पर छिपाकर रखा था, जिन्हें बदामद करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी है।
Updated on:
21 Apr 2026 12:32 pm
Published on:
21 Apr 2026 12:32 pm
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