
छिंदवाड़ा. पिछले तीन दिनों की बारिश ने जिले की ज्यादातर तहसीलों में वर्षा की स्थिति अब सामान्य बना दी है। हालांकि अभी लगभग एक पखवाड़े और ऐसी ही बारिश और चाहिए ताकि पिछले साल जैसे जलसंकट और सूखे का सामना जिले को न करना पड़े।
जुन्नारदेव और उमरेठ तहसील में औसत बारिश 600 मिमी को पार कर गई है। तामिया 580 मिमी वर्षा के साथ तीसरे स्थान पर है। इसके अलावा मोहखेड़, हर्रई, परासिया में भी 500 मिमी से ज्यादा पानी अब तक बरस चुका है। बुधवार-गुरुवार को छिदंवाड़ा तहसील के गांवों में सबसे ज्यादा पानी बरसा है। छिंदवाड़ा तहसील में 101 मिमी पानी गिरा। इसी दौरान उमरेठ में 97 और जुन्नारदेव में 82 मिमी बारिश हुई। छिंदवाड़ा तहसील में बुधवार तक औसत बारिश 308 मिमी थी, लेकिन चौबीस घंटे में ही यह आंकड़ा बढकऱ 410 मिमी तक पहुंच गया है। गुरुवार को भी सुबह दस बजे से रिमझिम बारिश का दौर शहर में शुरू हुआ तो शाम चार बजे थमा। इसके बाद भी बूंदाबांदी होती रही।
कहां, कितनी बारिश
तहसील छिंदवाड़ा में 410.2, मोहखेड़ में 510.8, तामिया में 580, अमरवाड़ा में 457.8, चौरई में 326.5, हर्रई में 539.3, सौंसर में 361.6, पांढुर्ना में 452.6, बिछुआ में 379.7, परासिया में 508.1, जुन्नारदेव में 646.2, चांद में 312.6 और उमरेठ में 615 मिमी बारिश दर्ज की गई।
चांद में सबसे कम
चांद तहसील में सबसे कम बारिश हुई है। यहां 312.6 मिमी बारिश दर्ज हुई है। बिछुआ में 379.7, सौंसर में 361.6 और चौरई में 326.5 मिमी बारिश हुई है। इन क्षेत्रों के किसान और आम जनता अच्छी बारिश के इंतजार में है।
तीन-चार दिन ऐसा ही मौसम
मौसम विभाग ने अगले तीन-चार दिन तक जिले के अधिकांश क्षेत्रों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश की सम्भावना जताई है। इस समय हवा दक्षिण पश्चिम की ओर 15 से 23 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। आंचलिक मौसम सूचना केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. विजय पराडकर ने बताया कि अधिकतम सापेक्षित आद्र्रता 89 से 96 प्रतिशत तक बताई जा रही है जो बारिश के लिए अनुकूल रहेगी।