भ्रम ही भ्रमण का कारण है

मुनि सुप्रभ सागर के प्रवचन...चतुर्मास व्रत के लिए छिंदवाड़ा नगरी में पधारे मुनि सुप्रभ सागर इन दिनों गुलाबरा ऋषभ नगर में प्रवचन दे रहे हैं

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Aug 28, 2016
muni Suprb sagar
छिंदवाड़ा. च
तुर्मास व्रत के लिए छिंदवाड़ा नगरी में पधारे मुनि सुप्रभ सागर इन दिनों गुलाबरा ऋषभ नगर में प्रवचन दे रहे हैं और धर्मावलंबियों को सुख दुख और नश्वर जीवन से हटकर स्वयं को जानने की शिक्षा दे रहे हैं।


रविवार को यहां प्रवचन देते हुए उन्होंने कहा कि हमें भ्रम में जी रहे हैं। पर के लिए हमें सुख समेटते हैं, संपत्ति जोड़ते हैं। यह अज्ञानता है। उन्होंने कहा कि पर के लिए चिंता नहीं करना चाहिए। जीव भ्रम में घूम रहे हैं और अपने खोटे परिणामों के कारण धर्म को खो रहे हैं। दूसरो ंके लिए हम व्यर्थ जोड़ते रहते हैं।


यही भ्रम भ्रमण का कारण है। यह भ्रम टूट गया तो हमारा भटकाव और भ्रमण भी टूट जाएगा और एक निश्चत लक्ष्य की ओर बढऩे की ओर अग्रसर होंगे। पुण्य की क्रिया में दान की क्रिया में भी हम अपने शुभ परिणाम बनाए और संसार के परिवर्तन से बचें क्योंकि यह संसार ही भ्रमणता है। सुबह के समय मंदिर में पूजा अर्चना के साथ मुनिजी के प्रवचनों को सुनने बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबी पहुंच रहे हैं।

Published on:
28 Aug 2016 07:00 pm
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