- 180 नियमित कर्मचारियों के करोड़ों रुपए फंसे
नगर निगम का आर्थिक संकट समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। कभी कर्मचारियों का वेतन, तो कभी दूसरे मदों की राशि के लिए उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। पिछले दिनों दीपावली के आसपास वेतन के लिए भटक चुके कर्मचारियों को अब एक नई परेशानी से गुजरना पड़ रहा है। पिछले 11 माह से निगम के करीब 180 नियमित कर्मचारियों के जीपीएफ (सामान्य भविष्य निधि) अकाउंट में उनके वेतन से कटने वाली राशि जमा नहीं हुई। इसके साथ ही 16 माह से एनपीएस (नेशनल पेंशन स्कीम) की राशि भी अटकी हुई है। उक्त दोनों ही मदों की राशि मुसीबत में काम आ जाती है।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस जिलाध्यक्ष नीरज गोदरे ने बताया कि करीब एक सैकड़ा नियमित सफाई कर्मचारियों की भी जीपीएफ राशि उनके खाते में जमा नहीं हुई है। हर माह चार से पांच हजार रुपए तक जीपीएफ की राशि कटती है। यह राशि परेशानी के दिनों में बैंक में आवेदन लगाकर निकाली जा सकती है। लेकिन जब खाते में राशि ही नहीं होगी, तो कैसे निकलेगी। साथ ही ब्याज का अलग से नुकसान हो रहा है।
मप्र नगर निगम, नगर पालिका कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष प्रशांत घोंगे ने बताया कि विनियमित एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का इपीएफ तो जमा हो रहा है, परंतु नियमित कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि कटौती के बाद भी जमा नहीं हो रहा है। साथ ही एनपीएस की 150 कर्मचारियों की राशि जमा होना बाकी है।
निगम कर्मचारियों के नवंबर के वेतन में एक बार फिर परेशानी खड़ी हो चुकी है। इस बार भी चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि कटकर करीब 29 लाख रुपए आई है। इससे अब तक 20 फीसद कर्मचारियों का ही वेतन हो सका है।
आर्थिक संकट के कारण कर्मचारियों की जीपीएफ एवं एनपीएस की राशि जमा नहीं हो पा रही है। जल्द ही उनके खातों में राशि जमा करने की व्यवस्था की जा रही है।
सीपी राय, आयुक्त नगर निगम