छिंदवाड़ा

टैक्स की बदौलत नगर सरकार,नहीं मिल रहा सरकारी अनुदान

महापौर विक्रम अहके ने कई बार मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री के समक्ष उठा चुके बजट की मांग, अब तक नहीं मिला अलग से रिस्पांस

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पिछले ढाई साल से नगर सरकार टैक्स की बदौलत चल रही है। इस दौरान प्रदेश सरकार की ओर से एक रुपए का अतिरिक्त बजट और अनुदान नहीं मिल पाया। महापौर विक्रम अहके कई बार मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के समक्ष इस मुद्दे को उठाते हुए करीब 130 करोड़ रुपए के बजट की मांग कर चुके है। अभी तक सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं हुई है। इससे निगम में वेतन, डीजल, बिजली, निर्माण कार्य समेत अन्य मदों के भुगतान में समस्याएं आती रही है।

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इस साल 2025 की शुरुआत में ही नगर निगम की मेयर-इन-काउंसिल की बैठक में आया था कि निगम के आकस्मिक कार्य जैसे फायर, जल प्रदाय, मरम्मत संधारण अंतर्गत वाटर फिल्टर प्लांट (कुलबहरा, अजनिया, जम्होडी पण्डा) के आवश्यक भुगतान करने नगर निगम के पास राशि उपलब्ध नहीं है।

प्रदेश के दूसरे नगर निगम की तरह छिंदवाड़ा भी माली हालत से गुजर रहे है। नगर निगम को पहले 1.50 करोड़ की चुंगी क्षतिपूर्ति का सहारा था, अब तो यह 60 लाख रुपए पर आ गई है। शेष राशि बिजली बिल के नाम पर काटी जा रही है।

तीन माह से टैक्स की राशि से हर माह वेतन

पिछले दिसम्बर माह में ही निगम के हालात बिगड़ गए थे। इसका कारण निगम को 1.50 करोड़ रुपए के स्थान पर केवल 29 लाख रुपए की चुंगी क्षतिपूर्ति राशि मिलना था। इसके चलते कर्मचारियों को तनख्वाह नहीं मिल सकी। जनवरी में कर्मचारियों को हड़ताल तक करनी पड़ी। फिर निगम की टैक्स वसूली से कर्मचारियों की तनख्वाह हो सकी। फिलहाल टैक्स राशि से ही निगम की तनख्वाह की जा रही है। मई की चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि सरकार ने अब तक नहीं दी है।

कहीं नहीं बन पा रहे सडक़, पुल-पुलिया और नाली

इस वर्ष 2022 से लगातार पूरी पंचवर्षीय में हर पार्षद अपने वार्ड में एक सडक़, नाली और पुल-पुलिया बनाने का इच्छुक़ है। उनकी यह अपेक्षा पूरी नहीं हो पा रही है। इसका कारण बजट का अभाव है। यह चिंताजनक है कि केन्द्र, प्रदेश में भाजपा सरकार तथा नगर निगम में भाजपा परिषद होने के बाद भी आर्थिक हालात सुधर नहीं पा रहे हैं। उस पर सरकार वेतन का हिस्सा चुंगी क्षतिपूर्ति राशि का बजट कटौती कर रही है। केवल सांसद, विधायक फंड के काम हो पा रहे हैं।

इनका कहना है…


मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री से बजट की मांग की जा रही है। सरकार से 130 करोड़ का बजट अपेक्षित है। सरकार से ये राशि मिलते ही शहर में विकास कार्य कराए जाएंंगे।
-विक्रम अहके, महापौर।
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Published on:
13 May 2025 11:23 am
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