एक अधिकारी के मनमाने निर्देश के कारण असहज स्थिति निर्मित हो गई है। जनपद पंचायत परासिया के आजीविका मिशन के एक अधिकारी ने स्व सहायता समूह की महिलाओ के दर्जनों ग्रुप में एक मैसेज भेजकर कहा है कि आचार संहिता लागू है। इसलिए कोई भी सदस्य किसी पार्टी का प्रचार प्रसार नहीं करेंगी। कोई भी यदि प्रचार प्रसार करती पाई गई तो उनके खिलाफ सख्त कारवाई की जाएगी।

छिंदवाड़ा/परासिया. लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है ,लेकिन एक अधिकारी के मनमाने निर्देश के कारण असहज स्थिति निर्मित हो गई है। जनपद पंचायत परासिया के आजीविका मिशन के एक अधिकारी ने स्व सहायता समूह की महिलाओ के दर्जनों ग्रुप में एक मैसेज भेजकर कहा है कि आचार संहिता लागू है। इसलिए कोई भी दीदी सदस्य किसी पार्टी का प्रचार प्रसार नहीं करेंगी। कोई भी यदि प्रचार प्रसार करती पाई गई तो उनके खिलाफ सख्त कारवाई की जाएगी। समूह की दीदी याने सदस्य डे्रस पर कार्यालय या बैंक भी नहीं जाएंगी। जबकि स्व सहायता समूह एक स्वायत्य संगठन है और समूह की सदस्य शासकीय कर्मचारी नहीं हैं और उन्हें कोई मानदेय नहीं मिलता है। इस संबंध में सरपंच विपिन श्रीवास्तव ने सहायक रिटर्निग अधिकारी एसडीएम पुष्पेन्द्र निगम का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा है कि इस तरह के निर्देश के बाद असमंजस की स्थिति बन गई है। ब्लाक में लगभग 1 हजार 700 समूह हैं और इनसे 19 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई है जिन्हें अवैधानिक तरीके से चुनाव गतिविधियों में भाग लेने से रोका जा रहा है। इस प्रकार के निर्देश की जांच कर कार्रवाई की जाए। राज्य आजीविका मिशन के प्रबंधक प्रकाश महोबेकर ने कहा कि इस तरह के कोई लिखित निर्देश नहीं है, लेकिन डीपीएम ने वीडियो कांफ्रेसिग में इस तरह के सख्त निर्देश दिए थे। मामला संज्ञान में आया है इसकी पूरी जांच कर आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुष्पेन्द्र निगम, सहायक रिटर्निग ऑफिसर परासिया