एक हजार से लेकर दो हजार रुपए प्रति सीट तक वसूली, ट्रेवल्स कर्मचारियों का तर्क ऊपर से तय होता है किराया, विभाग को खबर पर कार्रवाई से परहेज
छिंदवाड़ा. दीपावली पर अपनों के बीच त्योहार मनाने तथा त्योहार मनाकर वापस जाने वाले यात्रियों से बस संचालक ऑनलाइन व ऑफलाइन जमकर वसूली कर रहे है। यह जानकार आश्चर्य होगा कि भोपाल व इंदौर तक का किराया बस संचालकों ने एक हजार से लेकर दो हजार रुपए तक तय कर दिया है। लोग अपनी सुविधा के लिए पहले से जाने व आने की बस टिकिट बुक करा लेते है लेकिन उनसे सभी ट्रेवल्स संचालक जमकर वसूली कर रहे है। पत्रिका ने जब दीपावली के बाद दो व तीन नवंबर पर छिंदवाड़ा से इंदौर व भोपाल जाने के लिए शहर के ट्रेवल्स पहुंचकर पड़ताल की तो पूरा मामला सामने आ गया। ट्रेवल्स में बैठे कर्मचारी बेखौफ होकर दीपावली के कई दिन पहले व कई दिन बाद तक किराए में तेजी होने की बात कर रहे थे। कई गुना किराया लेने पर जब कर्मचारियों से पूछा गया कि इतना किराया क्यों ले रहे हो तो उनका तर्क है कि त्योहार पर ज्यादा किराया हमेशा लिया जाता है इसमें नई बात क्या है, यह तो ऊपर से तय होता है जिसकी जानकारी परिवहन विभाग को भी रहती है।
- इंदौर ट्रेवल्स, समय : 12.13 बजे
शहर के जीजी बाई कॉम्पलेक्स स्थित इंदौर ट्रेवल्स पर पत्रिका टीम ने पड़ताल की तो वहां बैठे कर्मचारी ने कम्प्यूटर में दो नवंबर का इंदौर तक किराया सीट का 1000, लोअर बर्थ का 2000 तथा अपर बर्थ का 1500 रुपए बताया। भोपाल का किराया सीट का 900, लोअर बर्थ का 1800 तथा अपर बर्थ का किराया 1400 रुपए बताया। बढ़ा हुआ किराया दीपावली के कई दिन पहले से लेकर 10 नवंबर तक रहने की बात कर्मचारी ने कही है।
- मालवा ट्रेवल्स, समय : 12.21 बजे
मानसरोवर कॉम्पलेक्स स्थित मालवा ट्रेवल्स में भी वहीं स्थिति देखने को मिली है, दीपावली के बाद दो व तीन नवंबर की टिकिट की बात करने पर 1000, 1500, 2000 रुपए होने की बात की गई। इस दौरान कर्मचारी हर त्योहार पर किराया यहीं रहने की बात करने लगा। इस ट्रेवल्स से शहर के किसी भी ट्रेवल्स की टिकिट बुक हो जाएगी। परिवहन विभाग का तय किराया कम होने की बात पर कर्मचारी ने हंसते हुए कहा कि यह कोई नई बात नहीं है जिसको जाना है वह तो यह किराया देता है।
- महाकाल ट्रेवल्स, समय 12.24
मानसरोवर कॉम्पलेक्स के सामने जेल कॉम्पलेक्स में स्थित महाकाल ट्रेवल्स में बैठे कर्मचारी ने बढ़ा हुआ किराया होने की बात कहीं है। वहां बैठे व्यक्ति ने इंदौर व भोपाल का किराया एक हजार से ज्यादा होने की बात की गई। इस दौरान वह किराया सूची कम्प्यूटर से देखकर बता रहा था तथा साथ यह भी कह रहा था त्योहार पर ज्यादा किराया देकर ही सीट बुक होती है तथा सभी बढ़ा किराया लेते है।
- ऑल इंडिया परमिट के नाम पर मनमाना किराया
परिवहन विभाग से बस संचालक दो प्रकार से परमिट जारी करवाते है जिसमें ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट तथा लोकल रूट परमिट शामिल है। ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट पर किराया निर्धारण नहीं होता है जिसके चलते बस संचालक मनमाना किराया वसूलते है। इसके साथ ही अधिकांश बस लोकल परमिट पर संचालित होती है लेकिन मनमाना किराया वसूलते है जिसको लेकर परिवहन विभाग कभी कभार कार्रवाई करता है। ऑनलाइन बुकिंग में मनमाना किराया डाला गया है जिसको लेकर भी परिवहन विभाग का कोई नियंत्रण नहीं है मानों बस संचालकों को अवैध वसूली की खुली छूट दी गई है। वहीं परिवहन विभाग शहर के ट्रेवल्स में जांच करने नहीं पहुंचता है जहां से ज्यादा किराए की टिकिट जारी होती है।
- छिंदवाड़ा से इंदौर तक किराया
तय किराया त्योहार पर किराया
500 1000
600 1500
650 2000
- छिंदवाड़ा से भोपाल तक किराया
तय किराया त्योहार पर किराया
400 900
450 1400
500 1800
इनका कहना है।
समय-समय पर बसों की जांच का अभियान चलाया जाता है, अगर कोई ज्यादा किराया वसूलने की शिकायत करता है तो कार्रवाई की जाएगी। बसों की जांच के लिए परिवहन अमला निकलेगा तथा जांच कर वैधानिक कार्रवाई करेगा।
देवेश बाथम, प्रभारी, आरटीओ, छिंदवाड़ा।