
फोटो सोर्स- पत्रिका
MP News: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने सीएमएचओ कार्यालय में एनएचएम में पदस्थ संविदा डाटा मैनेजर जितेंद्र यदुवंशी को पचास हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए तीन फरवरी 2026 को रंगे हाथ पकड़ा था। जिसे पहले सीएमएचओ डॉ. नरेश गुत्राड़े ने नोटिस जारी किया था तथा जिला प्रशासन ने प्रस्ताव अपर मिशन संचालक भोपाल को भेजा था।
जिसके बाद विभाग ने आदेश जारी करते हुए जितेंद्र यदुवंशी को सीएमएचओ कार्यालय जबलपुर पदस्थ किया गया है, जो शासकीय कार्य नहीं कर सकेंगे तथा उन्हें पचास फीसदी वेतन दिया जाएगा।
गौरतलब है कि जितेंद्र यदुवंशी ने किडनी पेशेंट व दिव्यांग नर्सिंग ऑफिसर पुष्पा बडघटे ने रोहना कला स्वास्थ्य केंद्र से समीपं की संजीवनी क्लीनिक में अटैचमेंट कराने के नाम पर रिश्वत की मांग की गई थी। परेशान होकर शिकायत करने पर लोकायुक्त जबलपुर ने कार्रवाई की थी।
आवेदिका पुष्पा वडघरे नर्सिंग आफिसर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहनाकला ब्लॉक पिण्डरईकला में पदस्थ हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पदस्थापना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से नजदीकी संजीवनी क्लीनिक में कराने के बदले आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र यदुवंशी के द्वारा 50 हजार की रिश्वत मांगी जा रही थी। लोकायुक्त ने सोमवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सी.एम. एच.ओ कार्यालय में दबिश देते हुए कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र यदुवंशी को 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया था।
आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7,13(1)B, 13(2) के अंतर्गत कार्यवाही की गई थी।
बीते दिनों नर्सिंग ऑफिसर पुष्पा बरकड़े ने सीएमएचओ ऑफिस में अटैचमेंट का आवेदन दिया था। जनसुनवाई में कलेक्टर ने उनकी समस्या को गंभीरता से लिया था और सीएमएचओ को निर्देश दिए थे कि उन्हें कार्यालय में अटैच कर दिया जाए। जब पुष्पा आदेश लेकर पहुंची तो कंप्यूटर ऑपरेटर के द्वारा रिश्वत मांगी गई।
Published on:
07 Feb 2026 01:29 pm
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