फायर सुरक्षा पर अस्पताल प्रबंधन का ध्यान नहीं
छिंदवाड़ा. किसी भी इमारत की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था फायर सिस्टम के अपडेट होने से होती है, जिसे समय-समय पर परखा जाता है। वर्तमान में जिला अस्पताल की नई इमारत में फायर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिला अस्पताल की दीवारों पर टंगे अग्निशमन यंत्र वर्तमान में एक्सपायर हो चुके हैं। इस ओर अस्पताल प्रबंधन का ध्यान नहीं है। वर्तमान में अस्पताल व मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को क्या-क्या मेंटेनेंस करना है उसकी जानकारी ही नहीं है। इसका खमियाजा मरीजों व आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। नई इमारत में किसी भी आगजनी की घटना पर काबू पाने अग्निशमन यंत्र लगाए गए थे, जो एक्सपायर हो चुके हैं।
फायर फाइटर सिस्टम नई इमारत में निर्माण के बाद से लगाया गया है। इसकी मॉकड्रिल पूर्व में की गई थी। वर्तमान में इस फायर फाइटर सिस्टम में बनाए गए फायर बॉक्स में कचरा भरा हुआ है। इमरजेंसी के समय इस फायर बॉक्स का कांच तोडकऱ आग बुझाने के लिए फायर फाइटर सिस्टम के पाइप निकाले जाते हैं तथा वॉल्व खोलकर पानी सप्लाई शुरू कर आग बुझाई जाती है।
अगर कोई हादसा होता है तो कौन जिम्मेदार होगा। फायर सिस्टम जिला अस्पताल के हर फ्लोर पर बना है। फायर बॉक्स के वर्तमान में हाल बेहाल है। जिला अस्पताल की नई इमारत के मेंटेनेंस को लेकर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल प्रबंधन में खींचतान मची हुई है।
नई इमारत में आगजनी से निपटने के लिए कुछ फ्लोर पर अग्निशमन यंत्र रखे गए हैं, लेकिन वे वर्तमान में एक्सपायर हो गए हैं। इनकी वैधता पिछले महीने 21 अगस्त 2024 को खत्म हो गई है। इस ओर प्रबंधन का ध्यान नहीं है। वहीं कुछ फ्लोर पर टंगे फायर सिस्टम जो पूर्व में लगाए गए थे, वे अब गायब हैं।