नगर निगम क्षेत्र में लगे होर्डिंग्स के चार माह से शुल्क नहीं पटे हैं। निगम, नगरीय प्रशासन भोपाल के आदेश का इंतजार कर रहा है। इस बार नई नीतियों के साथ होर्डिंग्स लगाने के निर्देश आने हैं, जिसकी वजह से अब तक पंजीकृत ठेकेदारों से शुल्क जमा नहीं कराए गए हैं, जबकि निर्धारित अवधि 31 मार्च पार होने के बाद भी उनको होर्डिंग्स हटाने का निर्देश नहीं दिए गए हंै।
निगम प्रशासन के अनुसार एडवरटाजिंग के लिए पंजीकृत छह ठेकेदारों के करीब 90 होर्डिंग्स शहर में लगे हैं। 50 रुपए स्क्वायर फीट उनसे शुल्क लिए जाते हैं। निगम को इनसे सलाना करीब 12 लाख रुपए राजस्व प्राप्त होता है। नगरीय प्रशासन भोपाल से होर्डिंग्स लगाने के सन्दर्भ में नए निर्देश आने हंै। इसमें दुर्घटना वाले स्थलों के साथ ही शहर की सुंदरता प्रभावित करने वाले जगहों पर होर्डिंग्स नहीं लगाने का निर्देश रहेगा। इसके अलावा शुल्क में भी कुछ वृद्धि की संभावना है। निगम के अनुसार इसकी वजह से अब तक शुल्क जमा नहीं हो पाए हैं।
. शुल्क स्क्वायर फीट रुपए में
. 01 अप्रैल है रेन्यूवल तिथि
अवैध होर्डिंग्स भी शहर में
शहर में अवैध होर्डिंग्स की भी भरमार है। निगम के अनुसार केवल पंजीकृत 90 होर्डिंग्स हैं। एेसे में इंदिरा तिराहा से परासिया रोड व नागपुर नाका तक लगे होर्डिंग्स की संख्या 90 से अधिक हो जाएगी। इसके अलावा अन्य होर्डिंग्स किसकी अनुमति से लगे हैं। इसका माकूल जवाब निगम के पास भी नहीं है।