वीआइपी रोड और पीजी कॉलेज रोड पर श्रीवास्तव कॉलोनी के समीप स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण पर राज्य शासन ने ५२ करोड़ रुपए की स्वीकृति भले दी हो, अब तक रेलवे ने अनुमति नहीं दी है।
एसएएफ क्वाट्र्स के पास वीआइपी रोड और पीजी कॉलेज रोड पर श्रीवास्तव कॉलोनी के समीप स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण पर राज्य शासन ने ५२ करोड़ रुपए की स्वीकृति भले दी हो, अब तक रेलवे ने अनुमति नहीं दी है। नगर निगम के पत्र के जवाब में डीआरएम ने लिखा कि रेलवे इंजीनियरिंग विभाग को पत्र भेज दिया गया है, जहां से विस्तृत स्वीकृति मिलेगी।
पिछले माह ही नगर निगम की कंसलटेंसी फर्म ने रेलवे ओवरब्रिज का प्रस्ताव तैयार किया था। इस पर निगम ने रेलवे को पत्र लिखकर ओवरब्रिज की लागत ५०-५० प्रतिशत वहन करने की बात कहीं है।
निगम के अनुसार इन दोनों रेलवे क्रांसिंग में लगातार इंदौर, दिल्ली, आमला और जुन्नारदेव ट्रेनों के करीब ८ से १० फेरा होने से आवागमन की समस्या मुद्दा रही है। इसे हल करने राज्य शासन के समक्ष ओवरब्रिज का प्रस्ताव रखा गया। जिस पर शासन की ओर से ५२ करोड़ रुपए का बजट देने पर सहमति दी गई है। इसके अलावा रेलवे भी अपनी ओर से राशि अलग मिलाएगा।
निगम आयुक्त की ओर से डीआरएम नागपुर को लिखे गए पत्र के जवाब में आया कि उनका पत्र रेलवे इंजीनियरिंग विभाग को भेज दिया गया है। इस पर निगम इंजीनियरों का कहना है कि रेलवे विस्तृत जांच कर अपनी अनुमति देगी। उसके बाद विस्तृत डीपीआर तैयार होगा।
लालबाग-पीजी कॉलेज रोड रेलवे क्रॉसिंग और वीआईपी रोड पर यातायात के बढ़ते दबाव से हर दिन ट्रेन के आगमन के समय आधा किमी तक वाहनों की लाइन लग रही है। ट्रेन छूटने के बाद इसका ट्रॉफिक क्लीयर होने में 15-20 मिनट का समय लग रहा है। वर्ष २०२३ में लालबाग से पीजी कॉलेज रोड पर श्रीवास्तव कॉलोनी के समीप स्थित रेल्वे क्रॉसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य लागत 27.72 करोड़ रुपए का प्रस्ताव शासन की ओर से भेजा गया था। इतना ही प्रस्ताव एसएएफ रेलवे क्रासिंग का था।
इन दोनों रेलवे क्रॉसिंग के साथ समस्या यह है कि जब मालगाड़ी गुजरती है तो रेलवे फाटक आधा-आधा घंटे तक बंद रहते हैं। इससे यहां दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। आसपास कोई वैकल्पिक मार्ग न होने पर वाहन चालकों को समस्या का सामना करना पड़ता है।अभी रेलवे क्रॉसिंग से जुड़े दो ओवरब्रिज चारफाटक और खजरी रोड मेडिकल कॉलेज हैं। इनकी आपस में दूरी अधिक है।
रेलवे ओवरब्रिज के मामले में डीआरएम ने रेलवे इंजीनियरिंग विभाग को पत्र लिखा है। अभी रेलवे की अनुमति मिलना शेष है। इसके बाद विस्तृत डीपीआर तैयार होगा।
-विवेक चौहान, सहायक यंत्री नगर निगम।
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