प्रापर्टी में हर दिन ज्यादा निवेश,ग्रामीण इलाकों में बन रहे मकान
छिंदवाड़ा. प्लॉट, मकान और कृषि भूमि की खरीद फरोख्त से दिसम्बर में पंजीयन आय 124.73 करोड़ रुपए पहुंच गई है। खास से लेकर आम आदमी अपनी जिंदगी की पूंजी लगाकर खुद के आशियाने का सपना पूरा कर रहा है तो वहीं व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स में दुकानें ली जा रही है।
पंजीयन विभाग के मुताबिक आम जनमानस के लिए धनराशि का निवेश सोना-चांदी, प्रापर्टी, शेयर बाजार, मुच्युअल फंड, सरकारी बांड और एफडी में होता आया है। इनके रिटर्न पर जमीन का निवेश भारी है। पिछले दस साल में आसपास के जिलों के मुकाबले छिंदवाड़ा की प्रगति तेजी से हुई है। किसानों के खेत विकसित कॉलोनियों में तब्दील हो गए हैं। रिंग रोड के अंदर के गांवों में प्लाटिंग तेजी से हुई है। साथ ही आसपास क्षेत्रीय बाजार भी विकसित हो गए हैं। इससे प्रापर्टी बाजार के साथ अर्थव्यवस्था भी तेजी से आगे बढ़ रही है।
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खजरी,सोनपुर, मोहरली और चंदनगांव में बने मकान
परासिया रोड, नागपुर रोड, खजरी रोड, नरसिंहपुर रोड, सिवनी रोड के आसपास की कॉलोनियों में मकान तेजी से बने हैं। सोनपुर रोड, मोहरली, चंदनगांव में प्लॉट की बिक्री तेजी से हो रही है। ये नए निवेश क्षेत्र के रूप में उभरकर सामने आए हैं। रजिस्ट्री के रिकार्ड भी यहीं कह रहे हैं। पुराना छिंदवाड़ा शहर में बुधवारी, इतवारी, गोलगंज, छोटा बाजार, शनिचरा बाजार, गुलाबरा, सिविल लाइन, रेलवे स्टेशन, गांधीगंज समेत अन्य क्षेत्र में प्लॉटिंग के लिए स्थान नहीं बचा है।
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गांवों में कृषि भूमि के भी हो रहे सौदे
ग्रामीण अंचलों से कृषि भूमि के भी सौदे हो रहे हैं। इससे पंजीयन आय को सहारा मिला है। छिंदवाड़ा के अलावा परासिया, अमरवाड़ा, जुन्नारदेव, चौरई, सौंसर, पांढुर्ना से भी प्लॉट के साथ जमीन के सौदे हो रहे हैं। इन इलाकों में भी मकान तेजी से बन रहे हैं। यहां की प्राथमिकता भी पहला मकान है।
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प्रापर्टी खरीदी-बिक्री आय में 11.16 प्रतिशत उछाल
पंजीयन विभाग के अनुसार पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 में 201 करोड़ रुपए का लक्ष्य तय किया गया था। इसके विरूद्ध पंजीयन आय 216.94 करोड़ रुपए हुई है। इस वित्तीय वर्ष 2024-25 में लक्ष्य 228 करोड़ रुपए तय किया गया है। उसमें अब तक दिसम्बर में 124.73 करोड़ रुपए अर्जित हो चुके है। यह लक्ष्य का 81.74 प्रतिशत है। पिछले साल में इस अवधि में आय 112.21 करोड़ रुपए थी। इसके मुकाबले आय 11.16 प्रतिशत ज्यादा है।
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निगम क्षेत्र में 58800 पहुंची मकानों की संख्या
नगर निगम क्षेत्र में रजिस्टर्ड मकानों की संख्या 58800 हजार पहुंच गई है। पिछले एक दशक में यह वृद्धि 25 फीसदी है। निगम कर्मचारियों के मुताबिक हर माह बन रहे नए मकानों से प्रापर्टी टैक्स का दायरा बढ़ रहा है। मकान के लिए पहली पसंद पहले परासिया और नागपुर रोड के आसपास की कॉलोनियां थी, लेकिन शिवपुरी रोड के निर्माण के बाद खजरी प्रापर्टी निवेशकों की पहली प्राथमिकता बनी है।
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इनका कहना है…
प्रापर्टी के पंजीयन से पिछले साल के मुकाबले अब तक 11.16 प्रतिशत अधिक आय दर्ज हुई है। सालाना लक्ष्य 228 करोड़ रुपए है। जिसे मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा।
-यूके झा, जिला पंजीयक