
छिंदवाड़ा. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को छिंदवाड़ा प्रवास के दौरान एक्शन मूड में नजर आए। वे सुबह 10.10 बजे इमलीखेड़ा हवाईपट्टी पर पहुंचे और विभिन्न कार्यक्रम में शामिल होने के बाद शाम 4.10 बजे भोपाल रवाना हुए। लगभग 6 घंटे वे छिंदवाड़ा में रहे। इस दौरान पुलिस एवं प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड पर रहा।
आवेदकों की उपस्थिति में एक-एक कर समीक्षा
उन्होंने मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान 2026 का शुभारंभ करते हुए कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला समाधान कार्यक्रम में आमजन की समस्याओं को सुना और सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर लंबित शिकायतों की आवेदकों की उपस्थिति में एक-एक कर समीक्षा की। समीक्षा के दौरान जिन प्रकरणों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई, उन पर उन्होंने तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान आवेदिका मीना बंजारा ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत 19 जुलाई 2025 को दर्ज कराई थी। समीक्षा में पाया गया कि परासिया तहसील के संबंधित पटवारी द्वारा गलत प्रतिवेदन प्रस्तुत किए जाने के कारण आवेदिका योजना के लाभ से वंचित रही। मामले को गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री ने परासिया की तहसीलदार सुनैयना ब्रम्हे, पटवारी सिद्धांत साहू को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता के माध्यम से आवेदिका को एक वर्ष की सहायता राशि प्रदान करने के भी निर्देश दिए।
पोर्टल पर दर्ज जानकारी से नहीं मिला लाभ
आवेदिका सीमा तुमराम ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने प्रसूति सहायता राशि नहीं मिलने की शिकायत 18 अप्रेल 2026 को दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि पोर्टल पर दर्ज त्रुटिपूर्ण जानकारी के कारण उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। इसे विभागीय लापरवाही मानते हुए मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने सीएमएचओ डॉ. नरेश गोन्नाड़े को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। आवेदिका मानवती वर्मा ने बताया कि वर्ष 2022 में पति संतोष वर्मा की मृत्यु के बाद उन्हें पात्रता अनुसार मुख्यमंत्री संबल योजना अंतर्गत अंत्येष्टि एवं अनुग्रह सहायता राशि नहीं मिली जिसकी उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी। प्रकरण में लापरवाही पाए जाने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चौरई तथा श्रम अधिकारी की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए।
एसडीएम चौरई को कारण बताओ नोटिस जारी
आवेदक गोविंद नायक ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में भू-अभिलेख दुरुस्तीकरण से संबंधित शिकायत प्रस्तुत की थी। समीक्षा में पाया गया कि एसडीएम द्वारा आदेश जारी किए जाने के बावजूद अभिलेखों में सुधार नहीं किया गया। इस पर मुख्यमंत्री ने एसडीएम चौरई, संबंधित तहसीलदार एवं पटवारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। आवेदक मनोहर सिंह ने बताया कि उन्होंने अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त होने वाली आर्थिक सहायता नहीं मिलने की शिकायत की थी। समीक्षा के दौरान बताया गया कि बैंक खाते की लेनदेन सीमा कम होने के कारण सहायता राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा था। चूंकि आवेदक का बैंक खाता सीहोर जिले में संचालित था, इसलिए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई कर भुगतान सुनिश्चित किया जा चुका है। आवेदिका भावना डेहरिया ने प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत सब्सिडी नहीं मिलने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार त्वरित कार्रवाई कर पात्र हितग्राही को योजना का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
प्रभारी कार्रवाई के दिए निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागवार समीक्षा कर निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से ड्रॉपआउट बच्चों को पुन: विद्यालयों में प्रवेश दिलाने, सभी शिक्षकों की शत-प्रतिशत ई-अटेंडेंस सुनिश्चित करने तथा साइबर अपराधों की रोकथाम एवं प्रभावितों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण ही सुशासन की सबसे बड़ी पहचान है तथा प्रत्येक अधिकारी को जनसेवा के प्रति संवेदनशील और जवाबदेह कार्यशैली अपनानी होगी। कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह, सांसद विवेक बंटी साहू, विधायक कमलेश प्रताप शाह, महापौर विक्रम आहके, भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव, मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, सचिव सुदाम खाड़े, संभागायुक्त धनंजय सिंह, कलेक्टर हरेंद्र नारायन, पुलिस अधीक्षक अजय पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।