- परीक्षा परिणाम में सुधार की कवायद - कक्षा पांचवीं एवं कक्षा आठवीं की वार्षिक परीक्षा 60% अंकों की, 20% अंक प्रोजेक्ट पर
कक्षा पांचवीं एवं कक्षा आठवीं में पढऩे वाले विद्यार्थियों को इस बार भी अद्र्धवार्षिक परीक्षा में की गई मेहनत का फायदा सीधे मिलेगा। दरअसल, राज्य शिक्षा केंद्र ने सत्र 2024-25 के लिए भी प्रदेश की समस्त शासकीय शालाओं, मान्यता प्राप्त अशासकीय शालाओं एवं अनुदान प्राप्त शालाओं एवं डाइस कोड प्राप्त मदरसों में कक्षा पांचवीं एवं कक्षा आठवीं में अध्ययनरत छात्रों के लिए परीक्षा योजना तय की है। वार्षिक परीक्षा परिणाम 100 अंकों का ही होगा, लेकिन यह अलग-अलग परीक्षाओं में बांट दी गई है।
वार्षिक परीक्षा में लिखित परीक्षा 60 अंकों की होगी ही, साथ ही वार्षिक प्रोजेक्ट कार्य 20 अंक के होंगे। इसके अलावा दो माह के अंदर होने वाली अद्र्धवार्षिक परीक्षा में बचे हुए 20 प्रतिशत अंक शामिल रहेंगे। इन सब अंकों से कक्षा 5 वीं एवं 8 वीं के परीक्षा परिणामों में काफी सुधार होगा।
अद्र्धवार्षिक परीक्षा में हासिल प्राप्तांकों के 20 फीसद अंकों के जुडऩे के कारण इस बार भी समस्त शालाओं में अद्र्धवार्षिक परीक्षा का आयोजन राज्य शिक्षा केंद्र के माध्यम से निर्धारित ब्लू प्रिंट के आधार पर किया जाएगा। शासकीय शालाओं के लिए अद्र्धवार्षिक परीक्षा के प्रश्नपत्र राज्य स्तर से बनेंगे, जबकि अशासकीय शालाएं तय ब्लू प्रिंट के आधार ही स्वयं प्रश्नपत्रों का निर्माण करेंगी। उल्लेखनीय है कि वार्षिक परीक्षा के लिए समस्त विद्यालयों के लिए राज्य शिक्षा केंद्र के माध्यम से ही प्रश्नपत्रों को उपलब्ध कराया जाएगा।
इनका कहना है
वार्षिक परीक्षा में 60 फीसद अंकों की लिखित परीक्षा, प्रोजेक्ट 20 फीसद अंकों का होगा। इनमें अलग-अलग कम से कम 33 फीसद अंक प्राप्त करना तो जरूरी ही है, साथ ही अद्र्धवार्षिक परीक्षा में हासिल कुल प्राप्तांकों में से 20 फीसद अंक वार्षिक परीक्षा में अलग से जुड़ेंगे। - संकेत कुमार जैन, एपीसी अकादमिक