छिंदवाड़ा

1.15 करोड़ खर्च कर बनाया एसडीएम ऑफिस, उपयोग से पहले ही ताला

भवन में कार्यालय संचालित होने से अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर कार्यस्थल मिलेगा। शासकीय राशि के सदुपयोग पर सवाल उठ रहे हैं।शासन की ओर से लाखों रुपए की लागत से तैयार किया गया एसडीएम कार्यालय
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प्रभारी मंत्री ने किया था लोकार्पण, बेहतर प्रशासनिक सेवा उपलब्ध होने की कही थी बात


छिंदवाड़ा. शिवनगर कॉलोनी(पुलिस लाइन के पीछे) शासन की ओर से लाखों रुपए की लागत से तैयार किया गया एसडीएम कार्यालय ताले में बंद है। सरकारी भवन का उपयोग नहीं होने से जहां शासकीय राशि के सदुपयोग पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं आम लोगों को भी इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच लोकार्पण

दरअसल सितंबर 2025 में प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के मंत्री एवं छिंदवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह ने शिवनगर कॉलोनी(पुलिस लाइन के पीछे) बनाए गए 1.15 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित एसडीएम छिंदवाड़ा कार्यालय के भवन का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच लोकार्पण किया था। हालांकि कुछ दिन दस्तावेजों के लाने ले जाने के बाद से भवन में ताला लगा हुआ है। इस भवन का निर्माण, लोक निर्माण विभाग (भवन) द्वारा किया गया है। इस भवन का क्षेत्रफल 370 वर्ग मीटर है। मंत्री ने लोकार्पण के बाद नवीन एसडीएम कार्यालय भवन के विभिन्न कक्षों का अवलोकन करते हुए कहा था कि इन भवनों के निर्माण से आमजन को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध होंगी एवं कार्य संस्कृति में और पारदर्शिता व तेजी आएगी, लेकिन अब तक ऐसा दिख नहीं रहा है। बताया जाता है कि आधुनिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एसडीएम कार्यालय भवन का निर्माण कराया गया था। उम्मीद थी कि नए भवन में कार्यालय संचालित होने से अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर कार्यस्थल मिलेगा एवं अपनी समस्याएं लेकर पहुंचने वाले लोगों को भी सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन भवन के तैयार होने के बाद भी इसके दरवाजों पर ताला लगा हुआ है।

देखरेख के अभाव में खराब होने का खतरा
लंबे समय तक भवन बंद रहने से इसकी साफ-सफाई और रखरखाव को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। सरकारी भवन का नियमित उपयोग नहीं होने पर धीरे-धीरे परिसर और भवन की स्थिति प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब कार्यालय का उपयोग ही नहीं होना था तो इतनी बड़ी राशि खर्च कर भवन का निर्माण क्यों कराया गया।

जनता के पैसों का हो सदुपयोग
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी भवन जनता की सुविधा और प्रशासनिक कार्यों के लिए बनाए जाते हैं। ऐसे भवनों को लंबे समय तक बंद रखना सरकारी धन के उपयोग पर सवाल खड़ा करता है। लोगों ने मांग की है कि संबंधित अधिकारी भवन में कार्यालय का संचालन शुरू कराने के लिए जल्द आवश्यक कदम उठाएं, ताकि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार भवन का वास्तविक लाभ आम जनता को मिल सके। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कब तक पहल करते हैं और ताले में बंद इस सरकारी कार्यालय को आम लोगों के लिए कब खोला जाता है।

तहसील कार्यालय भवन का भी हुआ था भूमिपूजन
एसडीएम कार्यालय भवन के लोकार्पण के साथ ही नजदीक में ही प्रभारी मंत्री ने 9.12 करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृत संयुक्त तहसील कार्यालय भवन छिंदवाड़ा नगर का भूमिपूजन भी किया था। जिसका निर्माण मप्र भवन विकास निगम द्वारा किया जा रहा है। इसका काम भी लगभग 60 प्रतिशत पूरा हो गया है। इस दौरान उन्होंने लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यों की शिलापट्टिका का अनावरण कर छिंदवाड़ावासियों को प्रशासनिक कार्यालयों के सुदृढ़ीकरण द्वारा बेहतर नागरिक सुविधाओं की सौगात दी थी।

Updated on:
27 Aug 2026 01:37 pm
Published on:
27 Aug 2026 01:37 pm