
छिंदवाड़ा. शहर को कन्हरगंाव डैम से पानी की सप्लाई की जाती है। इस डैम से पानी सप्लाई करने का एग्रीमेंट 32 साल पुराना है। वर्तमान में उसी एग्रीमेंट की शर्तों के आधार पर पानी की सप्लाई हो रही है।
कन्हरगांव डैम दस्तावेजों में 1982 में आया और 1986 में बनकर तैयार हुआ। उस दौरान सिंचाई विभाग और पीएचई विभाग में जो करार हुआ उसके अनुसार 7.08एमसीएम पानी शहर को देने के लिए रिजर्व रखा जाएगा। यह पानी सालभर में सप्लाई किया जा सकता है। वहीं बारिश के दिनों में कुलबेहरा नदी में पानी आने पर डैम से पानी रोककर चार माह तक नदी से पानी फिल्टर प्लांट तक पहुंचाने की भी शर्त थी। हालांकि पेयजल सप्लाई के लिए जो एग्रीमेंट हुआ था, वह 25 से 30 साल के हिसाब से किया गया था। परंतु वर्तमान परिस्थितियों में शहर जलसंकट से जूझ रहा है। जनसंख्या, मानसून और डैम क ी क्षमता में परिवर्तन हुआ है। जिसकी अनदेखी जनता को भारी पड़ रही है। 1986 से अब तक जनसंख्या कई गुना बढ़ चुकी है, आज मानसून में कोई स्थिरता नहीं और डैम में नदी नालों के जरिए आने वाली शिल्ट ने जल स्टोरेज की क्षमता को प्रभावित किया है। वर्षों पहले शहर के लिए जो 7.08 एमसीएम पानी देने की शर्त थी, उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया।
2.45 एमसीएम पानी है स्टोरेज
डैम की कुल क्षमता 713.80 मीटर की है और बुधवार को डैम का जलस्तर 707.73 मीटर था, यानी 2.45 एमसीएम पानी स्टोरेज है। सबसे निचले स्तर 706.22 मीटर तक ही पानी सप्लाई किया जा सकता है। अर्थात करीब 150 सेमी पानी सप्लाई के लिए डैम में स्टोर है। निगम के पेयजल अधिकारियों की माने तो यह नियमित सप्लाई करते हुए सिर्फ ढाई महीने में 2.45 एमसीएम पानी खर्च हो सकता है।
शिल्ट से हो जाती है गहराई कम
डैम की क्षमता, विगत 32 सालों में कम हो चुकी है, पर पुराने एग्रीमेंट के अनुसार ही निगम क ो पानी मिल रहा है। हालांकि नदी सूखने पर डैम से पानी लिया जाता है, लेकिन डैम में जब पानी हो। एग्रीमेंट पहले पीएचई और सिचाई विभाग के बीच हुआ था। तब क े मौसम और भोगोलिक स्थितियों में काफी अंतर आ चुका है।
आरके सहस्त्रबुद्धे, उपयंत्री प्रभारी पेयजल सप्लाई निगम
25-30 साल के लिए होती हैं योजनाएं
कन्हरगांव डैम से शहर के लिए 5 एमसीएम पानी रिजर्व रखा जाता था। बाद में जरूरत पडऩे पर 2.08 एमसीएम पानी बढ़ाया गया। एग्रीमेंट प्रत्येक वर्ष के लिए नवीनीकरण किया जाता है। शहर को 135 प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के अनुसार पानी की सप्लाई हो रही है।
पीके शर्मा, कार्यपालन यंत्री जलसंसाधन विभाग