अब तक 22 लाख रुपए की चुंगी क्षतिपूर्ति राशि आने पर केवल 900 अधिकारी-कर्मचारियों का दिसम्बर माह का वेतन हो पाया है। शेष वेतन राशि के लिए नगर निगम को मशक्कत करनी पड़ रही है। सोमवार को राशि आने पर ही कर्मचारियों को वेतन भुगतान हो पाएगा।
नगर निगम में चुंगी क्षतिपूर्ति राशि में कटौती से आर्थिक स्थिति बदहाल होती जा रही है। अब तक 22 लाख रुपए की चुंगी क्षतिपूर्ति राशि आने पर केवल 900 अधिकारी-कर्मचारियों का दिसम्बर माह का वेतन हो पाया है। शेष वेतन राशि के लिए नगर निगम को मशक्कत करनी पड़ रही है। सोमवार को राशि आने पर ही कर्मचारियों को वेतन भुगतान हो पाएगा।
नगर निगम के अनुसार पिछले वर्ष 2025 में भी नगर निगम कर्मचारियों को वेतन की समस्या का सामना करना पड़ा था। इसके चलते कर्मचारियों ने हड़ताल की थी। पिछले वर्ष ही मार्च में नगर निगम ने प्रस्ताव पारित जल टैक्स, प्रापर्टी टैक्स और अन्य उपभोक्ता प्रभारों में वृद्धि की थी। इसके चलते टैक्स की बढ़ी राशि आने पर नगर निगम की स्थिति संभलती दिखी और निगम प्रतिमाह वेतन कर पाया। इस वर्ष 2026 में भी निगम के अनुबंधित और विनियमित कर्मचारियों ने हड़ताल की चेतावनी दे दी है।
इसका बड़ा कारण नगर निगम में चुंगी क्षतिपूर्ति राशि में कटौती होना बताया गया है। नगर निगम की कुल पात्रता 2.48 करोड़ रुपए है। जिसमें से उसे मात्र 22 लाख रुपए दिए जा रहे है। शेष सीवर लाइन, बिजली बिल और अन्य आठ मदों में राशि की कटौती की जा रही है। इस पर महापौर विक्रम अहके भी कटौती का विरोध करते हुए नगरीय प्रशासन विभाग को पत्र लिख चुके हैं। फिर भी ये कटौती जारी है।
नगर निगम के महापौर और आयुक्त के आदेश पर हमने 900 कर्मचारियों का दिसम्बर माह का वेतन किया है। शेष वेतन भुगतान के लिए प्रयास जारी है। यह स्थिति चुंगी क्षतिपूर्ति राशि में कटौती से बन रही है।
-प्रमोद जोशी, लेखाधिकारी, नगर निगम।
नगर निगम को पात्रता चुंगी क्षतिपूर्ति राशि-24839660 रुपए
पेंशन अंशदान का 20 प्रतिशत-4967932 रुपए
सफाई कर्मचारियों का बीमा-3560 रुपए
नगरीय निकाय परिवार कल्याण निधि-67100 रुपए
सुपरविजन चार्ज-2131503 रुपए
सीवर लाइन एमपी यूडीसी कटौती-1424511 रुपए
बीएलसी एवं एएचपी कटौती-5388307 रुपए
हुडको कटौती-476229 रुपए
एमपीइबी कटौती-8647657 रुपए
कुल कटौतियां-22630570 रुपए
शेष चुंगी क्षतिपूर्ति राशि 2200909 रुपए
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