राजस्व और पंजीयन विभाग के सॉफ्टवेयर का हुआ इंटीग्रेशन
छिंदवाड़ा. भू-अभिलेख सॉफ्टवेयर और पंजीयन विभाग के सॉफ्टवेयर का इंटीग्रेशन किया गया है। इससे पंजीयन के समय जमीन से संबंधित जानकारी सीधे भू-अभिलेख साफ्टवेयर से उप पंजीयक को इंटरनेट के माध्यम से प्राप्त होती है। भू-अभिलेख अनुसार जमीन के भूमि-स्वामी, रकबा, डायवर्सन आदि की जानकारी उप पंजीयक को उपलब्ध होगी। इससे फर्जी अभिलेख के आधार पर शासकीय भूमि का विक्रय, गलत भूमि स्वामी द्वारा भूमि विक्रय और स्टॉम्प चोरी के प्रकरणों पर प्रभावी रोक लगेगी।
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रजिस्ट्री होते ही नामांतरण
राजस्व न्यायालय के सॉफ्टवेयर आरसीएमएस (रेवेन्यू कोर्ट मेनेजमेन्ट सिस्टम) को पंजीयन विभाग के सॉफ्टवेयर- सम्पदा एप्लीकेशन के साथ इंटीग्रेट किया गया है। नागरिक द्वारा जैसे ही सम्पदा एप्लीकेशन में रजिस्ट्री कराई जायेगी, उसका प्रकरण राजस्व न्यायालय में अविवादित नामान्तरण/बंटवारा के लिए स्वत: ही दर्ज हो जाएगा। रजिस्ट्री कराते ही नागरिक को एसएमएस से नामान्तरण के लिये दस्तावेज जमा करने के लिए राजस्व न्यायालय का नाम, सुनवाई की तारीख आदि की जानकारी मिलेगी। तदनुसार राजस्व न्यायालय द्वारा प्रकरण दर्ज कर, दावा आपत्ति आमंत्रित करते हुए विधिवत प्रकरण का निराकरण समय-सीमा में किया जायेगा। रजिस्ट्री के बाद नागरिक को नामान्तरण का आवेदन देने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
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किसान एप
कृषकों को मोबाइल से फ़सल गिरदावरी की सुविधा मिलेगी। कृषकों को खरीफ वर्ष 2018-19 से स्व-घोषणा, लोक सेवा केंद्र, एम.पी. ऑनलाइन और किसान एप द्वारा फसल की जानकारी दर्ज करने की सुविधा दी गई है। खाते में दर्ज फसल की जानकारी विभिन्न लाभ प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है। किसान एप के माध्यम से कृषक बोई-गयी फसल की स्व-घोषणा कर सकेगा। कृषक द्वारा स्व-घोषित फसल की जानकारी भू-अभिलेख में अस्थायी रूप से दर्ज हो जायेगी जो पटवारी के सत्यापन पर स्थायी हो जायेगी। यदि कृषक, पटवारी द्वारा दर्ज की गई फसल जानकारी से संतुष्ट नहीं है, तो वह तहसीलदार को सीधे आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है। इसका निराकरण वरिष्ठ अधिकारी द्वारा जाँच कर किया जाएगा। ई-उपार्जन, भावांतर, प्राकृतिक आपदा फसल हानि आदि में यह जानकारी सीधे उपयोग की जा सकेगी। बार-बार सत्यापन करने की जरूरत नहीं होगी।
भूमि की जानकारी
स्वयं की भूमि की पूरी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध होगी।खसरा/ खतौनी/ नक़्शा की नकल का अवलोकन एप से किया जा सकता है। खसरा/ खतौनी/ नक्शा की सत्यापित नकल एप के माध्यम से शासन द्वारा निर्धारित शुल्क जमा करने पर प्राप्त की जा सकती है। किसान भू-अधिकार ऋण पुस्तिका की प्रति एप से प्राप्त कर सकता है।
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एमआरसीएमएस एप
राजस्व प्रकरणों के संबंध में जानकारी एमआरसीएमएस एप से भी प्राप्त की जा सकेगी। यह एप प्ले-स्टोर पर डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध है। प्रदेश के समस्त राजस्व न्यायालय द्वारा अब आरसीएमएस सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा रहा है। नागरिक आरसीएमएस वेबसाइट से राजस्व प्रकरण की जानकारी ले सकते हैं। नागरिक, अभिभाषक और राजस्व अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों की जानकारी और कार्यवाही के लिए मोबाइल पर ही सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एमआरसीएमएस एप का निर्माण भी किया गया है। नागरिक राजस्व प्रकरणों की वाद सूची / कॉज लिस्ट देख सकते हैं। प्रकरणों के अंतिम आदेश की प्रतिलिपि और प्रकरण से सम्बंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।