
छिंदवाड़ा . केंद्र सरकार की योजना के तहत प्रत्येक शिक्षक को प्रशिक्षित करने के लिए तय किए गए प्रशिक्षण केंद्र को लेकर बवाल खड़ा हो गया है। नाराज शिक्षकों ने डाइट प्राचार्य पर मनमानी तथा एनआईओएस के नियमों का पालन न करने का आरोप लगाया है। इस संदर्भ में शुक्रवार को शिक्षकों ने कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंपा है। बताया जाता है कि प्रशिक्षण केंद्र के आवंटन को लेकर तीसरी बार संशोधन किया गया, इसके बावजूद खामिया सामने आ रहीं हैं।
समिति को भी किया गया दरकिनार
शासन की गाइडलाइन के अनुसार शिक्षकों के प्रशिक्षण केंद्र का निर्धारण एक समिति द्वारा तय किया जाना है। इसके अंतर्गत अध्यक्ष कलेक्टर, सचिव डाइट प्राचार्य तथा सदस्यों में डीईओ, डीपीसी व कलेक्टर द्वारा मनोनीत अशासकीय स्कूल प्राचार्य शामिल होते हैं। समिति के मनोनीत सदस्य विनोद तिवारी ने बताया कि डाइट प्राचार्य की मनमानी की वजह से तीसरी बार प्रशिक्षण केंद्र को लेकर संशोधन हुआ है।
डीएलएड प्रशिक्षण केंद्र को लेकर फिर मचा बवाल
एक ही विद्यालय के विभिन्न शिक्षकों को अलग-अलग विकासखंड में सेंटर अलाट कर दिया गया है। जब बात प्राचार्य के संज्ञान में लाई गई तो उन्होंने कुछ को संशोधन किया, इसके बाद भी कई खामियां बनी रहीं। सदस्य तिवारी ने बताया कि डीएलएड का प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए करीब २०० से ३०० शिक्षक बाहर जा रहे हैं।
८० से ९० किमी दूर सेंटर अलॉट
शिक्षकों ने बताया कि एक ही स्कूल के शिक्षकों को जिले के अलग-अलग सेंटर अलॉट किए गए तथा शनिवार-रविवार को प्रशिक्षण प्राप्त करने के निर्देश दिए गए है। शिक्षकों का कहना है कि मुख्यालय से ८० से ९० किमी दूर सेंटर दिए गए है। जबकि एनआईओएस के तहत ४० किमी की दूरी के भीतर ही सेंटर दिया जाना है।
एनआईओएस ने निर्धारित किए सेंटर
जिले के लिए पहले ५६२० शिक्षकों के लिए ४९ केंद्र दिए गए, लेकिन बाद में कहा गया कि एक केंद्र में १०० से अधिक शिक्षकों को नहीं रखा जा सकता है। इसलिए शासन के निर्देश पर नए सेंटर खोलने के लिए बोला गया था, इसके लिए हमने कई सारे सेंटरों की सूची उपलब्ध कराई थी। लेकिन एनआईओएस ने जो केंद्र तय किए वहां १०० से अधिक शिक्षकों को शिफ्ट किया गया, इसलिए यह स्थिति बनना स्वाभाविक है।
अनघा देव, प्राचार्य डाइट
नहीं की गई चर्चा
एनआईओएस अंतर्गत प्रशिक्षण केंद्र और अन्य कार्यों के लिए किसी प्रकार की चर्चा नहीं की गई तथा केंद्र के निर्धारण के बारे में भी नहीं बताया गया।
जीएल साहू, डीपीसी छिंदवाड़ा