-निगम परिषद के बजट सम्मेलन में टेंडर से पहले काम शुरू करने पर हुआ था हंगामा -जनप्रतिनिधियों की भावनाओं पर रोका निर्माण कार्य, पहले लेंगे सभी स्वीकृतियां
ग्राम सारसवाड़ा में प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर का काम पिछले दो माह से बंद पड़ा हुआ है। नगर निगम सम्मेलन में इस नगर के विवादों से घिरने के बाद नगर निगम के अधिकारियों ने इसे पूरे नियम-प्रक्रिया से बनाने का निर्णय लिया है। अब पहले इसकी डीपीआर बनाई जाएगी। सक्षम प्राधिकारी से तकनीकी स्वीकृति ली जाएगी। फिर इसके टेंडर लगाए जाएंगे। उसके बाद इसका निर्माण किया जाएगा।
बीती 30 मार्च को हुई नगर निगम के बजट सम्मेलन में नगर निगम अध्यक्ष सोनू मागो और कांग्रेस पार्षदों ने ट्रांसपोर्ट नगर में समतलीकरण टेंडर के पहले शुरू किए जाने का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था। निगम अध्यक्ष समेत पार्षदों ने अधिकारियों से प्रश्न किया था कि बिना टेंडर किए 2.70 करोड़ रुपए का समतलीकरण कार्य कैसे प्रारंभ हो गया? इसका जवाब कमिश्नर और ईई देते रहे लेकिन वे संतुष्ट होते नजर नहीं आए।
तब यह व्यवस्था बनी कि ट्रांसपोर्ट नगर के समतलीकरण का कार्य तुरंत रोक दिया जाए। फिर डीपीआर बनाकर उसका टेंडर कराया जाएगा। उसके बाद ही इसका निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। नगर निगम परिषद के इस निर्णय पर अब इसकी डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो रही है। उसके बाद उसकी तकनीकी स्वीकृति और टेंडर कराया जाएगा। निगम आयुक्त ने भी इस पर सहमति दे दी है।
बीते माह सांसद बंटी साहू और महापौर विक्रम अहके ने इस ट्रांसपोर्ट नगर का भूमिपूजन किया था। उस समय ये दावा किया था कि इस कार्य के लिए पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने 19 करोड़ रुपए स्वीकृत कर दिए हैं। ये राशि मिली भी तो फिर भी 8 करोड़ रुपए कम पड़ेंगे। नगर निगम के बजट सम्मेलन में इसकी लागत 27 करोड़ रुपए बताई गई है। इसके लिए निगम को अपने संसाधन लगाने पड़ेंगे।
एमआइसी ने ट्रांसपोर्ट नगर का प्लॉट का मूल्य 838 रुपए तय किया है। इससे वर्ष 2023 में 20 अप्रैल को मेयर इन कांउसिंल की बैठक हुई थी। उसमें प्रस्तावित मानचित्र के आधार पर अधोसंरचना विकास व्यय एवं कलेक्टर गाइड लाइन अनुसार भूखण्ड का मूल्य 400 रुपए प्रति वर्गफुट की दर से निर्धारित किया गया था। ट्रांसपोर्ट नगर में अधोसंरचना कार्यों की मात्रा एवं लागत में वृद्धि होने से इसका नया मूल्य तय किया गया है।
ट्रांसपोर्ट नगर में सीसी रोड, आरसीसी ड्रेन, पेयजल आपूर्ति सिस्टम, डीआई पाइप लाइन,टायलेट कॉम्प्लेक्स, दीनदयाल रसोई, चेकपोस्ट, पुलिस चौकी, जमीन समतलीकरण और इलेक्ट्रिक वर्क प्रस्तावित किए गए हैं।
ट्रांसपोर्ट नगर की डीपीआर बनाई जा रही है। फिर उसे तकनीकी स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। उसके उपरांत टेंडर व उसका निर्माण आगे बढ़ेगा।
-सीपी राय, आयुक्त नगर निगम।