छिंदवाड़ा

दो पक्के मकान फिर भी मिल गई पीएम आवास की स्वीकृति

नगरीय क्षेत्र चौरई में नगर पालिका की लापरवाही लगातार उजागर हो रही है। एक तरफ अपना घर बनाने के लिए पात्र हितग्राही नगरपालिका के लगातार चक्कर लगा रहे है

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Two houses still got admission of PM housing
Two houses still got admission of PM housing

दो पक्के मकान फिर भी मिल गई पीएम आवास की स्वीकृति
चौरई. नगरीय क्षेत्र चौरई में नगर पालिका की लापरवाही लगातार उजागर हो रही है। एक तरफ अपना घर बनाने के लिए पात्र हितग्राही नगरपालिका के लगातार चक्कर लगा रहे हैं। दूसरी ओर नगर के वार्ड 2 में रहने वाली प्रभा बाई के पास रहने के लिए पहले से दो पक्के मकान होने के बावजूद प्रभा के नाम पर प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर दिया गया और किस्तों का भुगतान होकर मकान का काम भी चालू हो गया। इधर मामले की जानकारी लगने के बाद प्रभा के पड़ोसी ने नगर पालिका पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई और वार्ड पार्षद संतोष वर्मा ने भी जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में लेख है कि प्रभा विश्वकर्मा और उसके पति के नाम पर वार्ड 2 में ही दो पक्के मकान रहते हुए प्रधानमंत्री आवास के रूप में तीसरा मकान कैसे स्वीकृत हो गया। पूरे प्रकरण में वार्ड पार्षद संतोष वर्मा ने नगर पालिका सीएमओ मौसम पालेवार और उपयंत्री की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह भी आश्चर्यजनक है कि पक्के मकान होने की जानकारी होने के बाद भी उक्त महिला का नाम सूची से काटा क्यों नही गया। पार्षद वर्मा ने पहले से स्वीकृत मकानों की किस्त जारी नहीं करने को लेकर भी सीएमओ और उपयंत्री पर गम्भीर आरोप लगाए हंै।
यह है नियम
पीएम आवास की पात्रता के लिए नियमानुसार आवेदक का कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए। नगरपालिका क्षेत्र चौरई में ही प्रभा बाई और उसके पति के नाम पर दो-दो पक्के मकान होने के बावजूद आखिर प्रधानमंत्री आवास कैसे स्वीकृत कर दिया गया। पात्र हितग्राही अपनी बारी के इंतजार में हैं, लेकिन अपात्रों को योजना का लाभ दिलाया जा रहा है।

इनका कहना है
प्रभा विश्वकर्मा और उसके पति के दो पक्के मकान हैं। एक तो दो मंजिल का है उसके बाद भी पीएम आवास स्वीकृत हो जाना संदिग्ध है। इस मामले पर ठोस कार्रवाई होना चाहिए।
संतोष वर्मा, पार्षद वार्ड 2

शिकायत मिलने पर सम्बंधित को नोटिस दिया गया है कार्रवाई की जाएगी।
मौसम पालेवार, सीएमओ ।

हमारे पास रहने के लिए मकान तो है, लेकिन फार्म भरने के बाद मकान स्वीकृत हो गया है। इसलिए बनवा रहे हैं।
प्रभा बाई, हितग्राही

Updated on:
10 Feb 2018 10:19 pm
Published on:
11 Feb 2018 07:00 am