राम की तपोभूमि से चुनावी शंखनाद करेंगे राहुल गांधी, इस सीट पर रहा है कांग्रेस का दबदबा
चित्रकूट. मध्य प्रदेश में होने वाले 2018 विधानसभा चुनाव का शंखनाद कांग्रेस श्री राम की तपोभूमि से करने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी 27 सितम्बर को चित्रकूट स्थित भगवान कामतानाथ मंदिर में दर्शन पूजन और संभवतः परिक्रमा करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए चुनाव मैदान में ताल ठोकेंगे। चित्रकूट के मध्य प्रदेश स्थित हिस्से में जनसभा आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम भले ही मध्य प्रदेश वाले हिस्से में हो और चुनाव भी लेकिन जनसभा को सफल बनाने के लिए यूपी की पार्टी इकाई भी जी जान से जुटी हुई है। इससे पहले भी सन 2016 में खाट सभा करने के दौरान राहुल गांधी भगवान कामतानाथ मंदिर में माथा टेंक चुके हैं।
तैयारियां शुरू चुनावी हलचलें तेज
राहुल गांधी के 27 सितंबर को चित्रकूट आने की पुरजोर संभावना के तहत सतना व चित्रकूट के कांग्रेसी कार्यकता उत्साहित हैं और जनसभा को सफल बनाने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। चित्रकूट (यूपी) के पार्टी जिलाध्यक्ष पंकज मिश्रा ने बताया कि राहुल गांधी के आने की जानकारी मिली है और तैयारियां भी की जा रही हैं। 24 सितम्बर को मध्य प्रदेश के पार्टी प्रभारी के साथ बैठक भी आयोजित की गई है। जिलाध्यक्ष के मुताबिक चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र(मध्य प्रदेश) की समस्याएं यूपी से जुदा नहीं और चित्रकूट एक पैर यूपी तो दूसरा एमपी में है इसलिए यहां के पार्टी कार्यकर्ता भी पूरी शिद्दत से मध्य प्रदेश चुनाव में लगे हुए हैं।
साधू संतों से भी मिलेंगे राहुल
पार्टी सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी चित्रकूट के साधू संतों से भी मिल सकते हैं। कई मूलभूत मुद्दों पर कई बार वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को घेर चुके साधू संतों से मुलाकात कर राहुल गांधी भाजपा की दुखती रग पर हाथ रख सकते हैं। साधू संतों ने मंदाकिनी को प्रदूषण मुक्त करने, तीर्थ क्षेत्र में व्याप्त विभिन्न अनियमितताओं को लेकर कई बार अनशन व धरना प्रदर्शन किया। यहां तक कि पिछले वर्ष खुद शिवराज सिंह चौहान को चित्रकूट आना पड़ा था आन्दोलनरत संतों को मनाने के लिए।
उपचुनाव में हुई थी भाजपा की हार
पिछले वर्ष 2017 में हुए चित्रकूट विधानसभा उपचुनाव (मध्य प्रदेश) में कांग्रेस ने सत्ताधारी भाजपा को पटखनी देते हुए विजय पताका लहराई थी। उपचुनाव में खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मोर्चा संभाल रखा था और रथयात्रा से लेकर रात्रि प्रवास व तीन जनसभाएं की थीं। इस विधानसभा क्षेत्र में पिछले 27 वर्षों के दौरान हुए 6 चुनाव में सिर्फ एक बार भगवा ब्रिगेड को जीत का स्वाद चखने को मिला है।