
चित्रकूट। बढ़ते साइबर अपराध के बीच चित्रकूट पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। APK फाइल, फर्जी शेयर इन्वेस्टमेंट और ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स के जरिए ठगी के शिकार हुए 26 लोगों के कुल 15 लाख 10 हजार 470 रुपये साइबर सेल ने वापस कराए हैं। इस कार्रवाई से पीड़ितों को बड़ी राहत मिली है।
साइबर अपराधियों ने इन 26 लोगों को APK फाइल डाउनलोड कराने, फर्जी निवेश योजनाओं और नकली खरीददारी वेबसाइट्स के जरिए अपने जाल में फंसाया। जैसे ही पीड़ितों ने इन फाइलों को इंस्टॉल किया या लिंक पर क्लिक किया, उनके मोबाइल का डेटा—ओटीपी, बैंक डिटेल्स, फोटो और कॉन्टैक्ट—हैक कर लिया गया और खाते से पैसे निकाल लिए गए।
साइबर ठग अक्सर RTO चालान, M-परिवहन या बैंकिंग ऐप जैसे नामों से फर्जी APK भेजते हैं। ये फाइलें असल में मैलवेयर (वायरस) होती हैं, जो फोन में इंस्टॉल होते ही पूरा डेटा चुरा लेती हैं।
साइबर सेल ने लोगों को सतर्क रहने की अपील करते हुए कुछ जरूरी बातें बताई हैं—किसी भी अनजान लिंक या ऐप को डाउनलोड न करें
OTP, बैंक डिटेल या UPI पिन किसी के साथ साझा न करें।
याद रखें: UPI पिन केवल पैसे भेजने के लिए होता है, पाने के लिए नहीं।
अनजान कॉल या मैसेज पर पैसे ट्रांसफर न करें।
सोशल मीडिया पर सस्ते सामान या नौकरी के झांसे से बचें।
किसी परिचित के नाम पर पैसे मांगने पर पहले पुष्टि जरूर करें।
यदि आप भी साइबर ठगी का शिकार होते हैं तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। साथ ही नजदीकी थाने या साइबर हेल्प डेस्क पर भी सूचना दें।
Published on:
17 Mar 2026 10:58 am
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