
UPWeather: मध्य और उत्तर भारत के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। आज की ताजा सिनोप्टिक स्थितियों के अनुसार, वातावरण में एक साथ कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हो गए हैं, जो आने वाले दिनों में मौसम को अचानक पलट सकते हैं।
सीएसए मौसम विशेषज्ञ डॉ. एस.एन.सुनील पांडेय के अनुसार, इस समय दो पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हैं, जो ऊपरी वायुमंडल में ट्रफ के रूप में मौजूद हैं। इनमें से एक सिस्टम लगभग 5.8 किमी की ऊंचाई पर 80°E देशांतर के आसपास सक्रिय है, जबकि दूसरा 52°E के पास उत्तरी अक्षांशों में स्थित है। ये दोनों सिस्टम मिलकर उत्तर भारत के मौसम को अस्थिर बना रहे हैं।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एस.एन.सुनील पांडेय के अनुसार, स्थिति को और जटिल बना रहे हैं कई ऊपरी हवा के चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation), जो अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय हैं। हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और यहां तक कि पश्चिमी राजस्थान से सटे पाकिस्तान क्षेत्र तक, लगभग 0.9 से 1.5 किमी की ऊंचाई पर ये चक्रवातीय सिस्टम बने हुए हैं। इन सभी सिस्टम का संयुक्त प्रभाव यह है कि वातावरण में नमी और अस्थिरता तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि मौसम अब करवट लेने की तैयारी में है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एस.एन.सुनील पांडेय के अनुसार, अगले 24 से 72 घंटों के भीतर उत्तर प्रदेश, विशेषकर कानपुर मंडल और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में तेज आंधी, गरज-चमक और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। दिन में हल्की धूप के बाद अचानक बादल छाने और शाम या रात में मौसम बिगड़ने का सिलसिला देखने को मिल सकता है। किसानों के लिए यह समय खास तौर पर सतर्क रहने का है, क्योंकि ओले और तेज हवाएं फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एस.एन. सुनील पांडेय के अनुसार, इन दिनों सक्रिय मौसमी गतिविधियों के चलते तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। दिन के समय हल्की गर्मी का एहसास हो सकता है, लेकिन जैसे ही बादल छाएंगे और बारिश होगी, तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। इससे मौसम में अचानक बदलाव महसूस होगा। सुबह और रात के समय हल्की ठंडक बनी रह सकती है, जिससे लोगों को राहत तो मिलेगी, लेकिन यह बदलाव स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम के इस बदलते मिजाज के कारण सर्दी-जुकाम, बुखार जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं, इसलिए खानपान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
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Updated on:
18 Mar 2026 01:02 pm
Published on:
18 Mar 2026 12:24 pm
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